ज़ुल्फ़ Poetry (page 9)

दिल उस की तार-ए-ज़ुल्फ़ के बल में उलझ गया

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

ऐ मुसलमानो बड़ा काफ़िर है वो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

आरिज़ से उस के ज़ुल्फ़ में क्यूँ-कर है रौशनी

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

तुम्हारे इश्क़ में हम नंग-ओ-नाम भूल गए

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

तू सुब्ह-दम न नहा बे-हिजाब दरिया में

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

तिरी जो ज़ुल्फ़ का आया ख़याल आँखों में

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

न मोहतसिब से ये मुझ को ग़रज़ न मस्त से काम

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

मुझे क्या देख कर तू तक रहा है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

कलेजा मुँह को आया और नफ़स करने लगा तंगी

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

गज़क की इस क़दर ऐ मस्त तुझ को क्या शिताबी है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

देखते सज्दे में आता है जो करता है निगाह

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

देखा किसी ने हम से ज़माने ने क्या किया

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

दर्द-ए-दिल मेरी आह से पूछो

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

बाग़ में तू कभू जो हँसता है

शैख़ ज़हूरूद्दीन हातिम

रदीफ़ क़ाफ़िया बंदिश ख़याल लफ़्ज़-गरी

शहज़ाद क़ैस

जब उस की ज़ुल्फ़ में पहला सफ़ेद बाल आया

शहज़ाद अहमद

जब उस की ज़ुल्फ़ में पहला सफ़ेद बाल आया

शहज़ाद अहमद

अब के बरस

शहरयार

हुजूम-ए-दर्द मिला ज़िंदगी अज़ाब हुई

शहरयार

नक़्द-ए-दिल-ओ-जाँ उस की ख़ातिर रहन-ए-जाम करो

शाहिद इश्क़ी

महका है गुल-ए-ख़ून-ए-वफ़ा जानिए क्या हो

शाहिद अख़्तर

किसी की ज़ुल्फ़-ए-शिकन-दर-शिकन की बात हुई

शाहिद अख़्तर

चाँद माँगा न कभी हम ने सितारे माँगे

शाहिद अख़्तर

वफ़ा का शौक़ ये किस इंतिहा में ले आया

शहबाज़ ख़्वाजा

हवस-ए-ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर लिए बैठे हैं

शहाब जाफ़री

सरज़मीन-ए-ज़ुल्फ़ में क्या दिल ठिकाने लग गया

शाह नसीर

सरज़मीं ज़ुल्फ़ की जागीर में थी इस दिल की

शाह नसीर

'नसीर' उस ज़ुल्फ़ की ये कज-अदाई कोई जाती है

शाह नसीर

ख़याल-ए-ज़ुल्फ़-ए-दूता में 'नसीर' पीटा कर

शाह नसीर

जब कि ले ज़ुल्फ़ तिरी मुसहफ़-ए-रुख़ का बोसा

शाह नसीर

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.