Heart Broken Poetry (page 148)
चंद रोज़ और मिरी जान
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
बुनियाद कुछ तो हो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ब्लैक-आउट
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
भाई
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
बहार आई
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ब'अद-अज़-वक़्त
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अगस्त-1952
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अश्गाबाद की शाम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अंजाम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ शाम मेहरबाँ हो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ रौशनियों के शहर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ हबीब-ए-अम्बर-दस्त!
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ दिल-ए-बेताब ठहर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आरज़ू
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आख़िरी ख़त
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज की रात
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज इक हर्फ़ को फिर ढूँडता फिरता है ख़याल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज बाज़ार में पा-ब-जौलाँ चलो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ये मौसम-ए-गुल गरचे तरब-ख़ेज़ बहुत है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ये जफ़ा-ए-ग़म का चारा वो नजात-ए-दिल का आलम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
यक-ब-यक शोरिश-ए-फ़ुग़ाँ की तरह
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
याद-ए-ग़ज़ाल-चश्माँ ज़िक्र-ए-समन-अज़ाराँ
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
याद का फिर कोई दरवाज़ा खुला आख़िर-ए-शब
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
वो बुतों ने डाले हैं वसवसे कि दिलों से ख़ौफ़-ए-ख़ुदा गया
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
वहीं हैं दिल के क़राइन तमाम कहते हैं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
वफ़ा-ए-वादा नहीं वादा-ए-दिगर भी नहीं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तुझे पुकारा है बे-इरादा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तिरी उमीद तिरा इंतिज़ार जब से है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तेरी सूरत जो दिल-नशीं की है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़