Love Poetry (page 20)

पहली सिगरेट पहला ख़्वाब और पहला इश्क़

इमरान शमशाद

सड़क

इमरान शमशाद

काला

इमरान शमशाद

एक तितली उड़ी

इमरान शमशाद

ज़िंदगी में जो ये रवानी है

इमरान शमशाद

यूँ भटकने में की है बसर ज़िंदगी

इमरान शमशाद

ये ग़लत है ये साल ठीक नहीं

इमरान शमशाद

ठहर के देख तू इस ख़ाक से क्या क्या निकल आया

इमरान शमशाद

शोर में इर्तिकाज़ मिलता है

इमरान शमशाद

रफ़्ता रफ़्ता सब कुछ अच्छा हो जाएगा

इमरान शमशाद

मुद्दत से आदमी का यही मसअला रहा

इमरान शमशाद

कभी पैरों से आँखों तक चुभन महसूस होती है

इमरान शमशाद

जल कर जिस ने जल को देखा

इमरान शमशाद

हमारी मोहब्बत नुमू से निकल कर कली बन गई थी मगर थी नुमू में

इमरान शमशाद

ढूँडिए दिन रात हफ़्तों और महीनों के बटन

इमरान शमशाद

वो शाम ढले तेरा मिलना वो तेरा हँसाना याद नहीं

इमरान साग़र

तुम्हारा हुस्न है यकता चलो मैं मान लेता हूँ

इमरान साग़र

तुझ को खो देने का एहसास हुआ तेरे बा'द

इमरान साग़र

मैं अपनी हैसियत से कुछ ज़ियादा ले के आया हूँ

इमरान साग़र

मैं अपने हाल-ए-ज़ार का आईना-दार हूँ

इमरान साग़र

तुझ को देखा तो ये लगा है मुझे

इमरान हुसैन आज़ाद

तलाश मैं ने ज़िंदगी में तेरी बे-शुमार की

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं शजर हूँ और इक पत्ता है तू

इमरान हुसैन आज़ाद

मैं सारी उम्र अहद-ए-वफ़ा में लगा रहा

इमरान हुसैन आज़ाद

लोगों के सभी फ़लसफ़े झुटला तो गए हम

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़ुदा तू इतनी भी महरूमियाँ न तारी रख

इमरान हुसैन आज़ाद

ख़िज़ाँ के होश किसी रोज़ मैं उड़ाता हुआ

इमरान हुसैन आज़ाद

एक मुद्दत से तो ठहरे हुए पानी में हूँ मैं

इमरान हुसैन आज़ाद

दीवानगी में अपना पता पूछता हूँ मैं

इमरान हुसैन आज़ाद

आसमाँ मिल न सका धरती पे आया न गया

इमरान हुसैन आज़ाद