Love Poetry (page 278)
दीदा-ए-तर में कौन रहेगा
अनीस अब्र
ख़ामोशी का शहर
अनीस नागी
एक नज़्म
अनीस नागी
एक नज़्म
अनीस नागी
एक नज़्म
अनीस नागी
नक़ाब उल्टा है शम्ओं' ने सितारो तुम तो सो जाओ
अनीस कैफ़ी
उस की मुट्ठी में जवाहिर थे नज़र मेरी तरफ़
अनीस अशफ़ाक़
देखा है किसी आहू-ए-ख़ुश-चश्म को उस ने
अनीस अशफ़ाक़
रू-ए-गुल चेहरा-ए-महताब नहीं देखते हैं
अनीस अशफ़ाक़
म'अरका जब छिड़ गया तो क्या हुआ हम से सुनो
अनीस अशफ़ाक़
कब इश्क़ में यारों की पज़ीराई हुई है
अनीस अशफ़ाक़
तुम्हारे शहर में इतने मकाँ गिरे कैसे
अनीस अंसारी
पथरीली सी शाम में तुम ने ऐसे याद किया जानम
अनीस अंसारी
मुझ पे हर ज़ुल्म रवा रख कि मैं जो हूँ सो हूँ
अनीस अंसारी
मैं सहरा था जज़ीरा हो गया हूँ
अनीस अंसारी
जहाँ दर था वहाँ दीवार क्यूँ है
अनीस अंसारी
दिल पर यूँही चोट लगी तो कुछ दिन ख़ूब मलाल किया
अनीस अंसारी
बड़ा आज़ार-ए-जाँ है वो अगरचे मेहरबाँ है वो
अनीस अंसारी
तिरे गेसुओं के साए में जो एक पल रहा हूँ
अनीस अहमद अनीस
नज़र मिलते ही साक़ी से गिरी इक बर्क़ सी दिल पर
अनीस अहमद अनीस
अब ग़म का कोई ग़म न ख़ुशी की ख़ुशी मुझे
अनीस अहमद अनीस
उफ़ वो तूफ़ान-ए-शबाब आह वो सीना तेरा
अंदलीब शादानी
जिगर में टीस लब हँसने पे मजबूर
अंदलीब शादानी
झूट है सब तारीख़ हमेशा अपने को दुहराती है
अंदलीब शादानी
चाहत के बदले में हम बेच दें अपनी मर्ज़ी तक
अंदलीब शादानी
मुझे इल्ज़ाम न दे तर्क-ए-शकेबाई का
अंदलीब शादानी
क्या कहिए रू-ए-हुस्न पे आलम नक़ाब का
अंदलीब शादानी
कोई अदा-शनास-ए-मोहब्बत हमें बताए
अंदलीब शादानी
जहाँ अहद-ए-तमन्ना ख़त्म हो जाए
अंदलीब शादानी
जहाँ अहद-ए-तमन्ना ख़त्म हो जाए
अंदलीब शादानी