Love Poetry (page 279)
हँसती आँखें हँसता चेहरा इक मजबूर बहाना है
अंदलीब शादानी
देर लगी आने में तुम को शुक्र है फिर भी आए तो
अंदलीब शादानी
वो कौन हैं जिन्हें तौबा की मिल गई फ़ुर्सत
आनंद नारायण मुल्ला
उस इक नज़र के बज़्म में क़िस्से बने हज़ार
आनंद नारायण मुल्ला
तुम जिस को समझते हो कि है हुस्न तुम्हारा
आनंद नारायण मुल्ला
तू ने फेरी लाख नर्मी से नज़र
आनंद नारायण मुल्ला
शम्अ' इक मोम के पैकर के सिवा कुछ भी न थी
आनंद नारायण मुल्ला
नज़र जिस की तरफ़ कर के निगाहें फेर लेते हो
आनंद नारायण मुल्ला
मुख़्तसर अपनी हदीस-ए-ज़ीस्त ये है इश्क़ में
आनंद नारायण मुल्ला
मोहब्बत फ़र्क़ खो देती है आ'ला और अदना का
आनंद नारायण मुल्ला
ख़ुदा जाने दुआ थी या शिकायत लब पे बिस्मिल के
आनंद नारायण मुल्ला
इश्क़ में वो भी एक वक़्त है जब
आनंद नारायण मुल्ला
इश्क़ करता है तो फिर इश्क़ की तौहीन न कर
आनंद नारायण मुल्ला
इश्क़ करता है तो फिर इश्क़ की तौहीन न कर
आनंद नारायण मुल्ला
हुस्न के जल्वे नहीं मुहताज-ए-चश्म-ए-आरज़ू
आनंद नारायण मुल्ला
हर इक सूरत पे धोका खा रही हैं तेरी सूरत का
आनंद नारायण मुल्ला
हद-ए-तकमील को पहुँची तिरी रानाई-ए-हुस्न
आनंद नारायण मुल्ला
ग़म-ए-हयात शरीक-ए-ग़म-ए-मोहब्बत है
आनंद नारायण मुल्ला
दयार-ए-इश्क़ है ये ज़र्फ़-ए-दिल की जाँच होती है
आनंद नारायण मुल्ला
अश्क-ए-ग़म-ए-उल्फ़त में इक राज़-ए-निहानी है
आनंद नारायण मुल्ला
अक़्ल के भटके होऊँ को राह दिखलाते हुए
आनंद नारायण मुल्ला
अब और इस से सिवा चाहते हो क्या 'मुल्ला'
आनंद नारायण मुल्ला
अब और इस के सिवा चाहते हो क्या 'मुल्ला'
आनंद नारायण मुल्ला
आईना-ए-रंगीन जिगर कुछ भी नहीं क्या
आनंद नारायण मुल्ला
मोहिब्बान-ए-वतन का नारा
आनंद नारायण मुल्ला
गुरु-नानक
आनंद नारायण मुल्ला
ज़िंदगी गो कुश्ता-ए-आलाम है
आनंद नारायण मुल्ला
ये दिल आवेज़ी-ए-हयात न हो
आनंद नारायण मुल्ला
सर-ए-महशर यही पूछूँगा ख़ुदा से पहले
आनंद नारायण मुल्ला
सर-ए-महशर यही पूछूँगा ख़ुदा से पहले
आनंद नारायण मुल्ला