Love Poetry (page 281)

मेरे जैसा इस दुनिया में हो सकता है कौन

अमजद शहज़ाद

कुछ है जो ये गुमान न होता तो ठीक था

अमजद शहज़ाद

ज़िंदगी

अमजद नजमी

वो नहीं आए

अमजद नजमी

उठ

अमजद नजमी

तुम अगर चाहो तो

अमजद नजमी

तबस्सुम

अमजद नजमी

शिकस्त-ए-जाम

अमजद नजमी

रौशनी कम है

अमजद नजमी

पेच-ओ-ताब

अमजद नजमी

अफ़्कार-ए-परेशाँ

अमजद नजमी

उन के वा'दों का हाल क्या कहिए

अमजद नजमी

तुम जल्वा दिखाओ तो ज़रा पर्दा-ए-दर से

अमजद नजमी

तराना-ए-ग़म-ए-पिन्हाँ है हर ख़ुशी अपनी

अमजद नजमी

सुब्ह-दम आया तो क्या हंगाम-ए-शाम आया तो क्या

अमजद नजमी

नहीं कुछ इंतिहा अफ़्सुर्दगी की

अमजद नजमी

न कुछ आलिम समझते हैं न कुछ जाहिल समझते हैं

अमजद नजमी

मुझे दैर भी हो क्यूँ कर न हरम की तरह प्यारा

अमजद नजमी

कितना मुख़्तसर है ये ज़िंदगी का अफ़्साना

अमजद नजमी

जो पूछते हैं कि ये इश्क़-ओ-आशिक़ी क्या है

अमजद नजमी

जब कोई लेता है मेरे सामने नाम-ए-ग़ज़ल

अमजद नजमी

जब दिल ही नहीं है पहलू में फिर इश्क़ का सौदा कौन करे

अमजद नजमी

बुलबुल-ए-रंगीं-नवा ख़ामोश है

अमजद नजमी

अपनी हस्ती को यहाँ बे-मुद्दआ समझा था मैं

अमजद नजमी

आशुफ़्ता-नवाई से अपनी दुनिया को जगाता जाता हूँ

अमजद नजमी

जिस तरफ़ तू है उधर होंगी सभी की नज़रें

अमजद इस्लाम अमजद

ज़रा सी बात

अमजद इस्लाम अमजद

वो अभी अपने चेहरे में उतरा नहीं

अमजद इस्लाम अमजद

तज्दीद

अमजद इस्लाम अमजद

शिकस्त-ए-अना

अमजद इस्लाम अमजद