Love Poetry (page 282)
सेल्फ़ मेड लोगों का अलमिया
अमजद इस्लाम अमजद
सरमाया-ए-जाँ
अमजद इस्लाम अमजद
समुंदर आसमान और मैं
अमजद इस्लाम अमजद
मोहब्बत की एक नज़्म
अमजद इस्लाम अमजद
ख़ुद-सुपुर्दगी
अमजद इस्लाम अमजद
हरी-भरी इक शाख़-ए-बदन पर
अमजद इस्लाम अमजद
हम-ज़ाद
अमजद इस्लाम अमजद
फ़ासले
अमजद इस्लाम अमजद
एक लड़की
अमजद इस्लाम अमजद
एक कमरा-ए-इम्तिहान में
अमजद इस्लाम अमजद
चश्म-ए-बे-ख़्वाब को सामान बहुत
अमजद इस्लाम अमजद
बुज़दिल
अमजद इस्लाम अमजद
ऐ वक़्त ज़रा थम जा
अमजद इस्लाम अमजद
ऐ हिज्र-ज़दा शब
अमजद इस्लाम अमजद
ऐ दिल-ए-बे-ख़बर
अमजद इस्लाम अमजद
आवाज़ के पत्थर
अमजद इस्लाम अमजद
आशोब-ए-आगही
अमजद इस्लाम अमजद
आख़िरी बोसा
अमजद इस्लाम अमजद
आबला
अमजद इस्लाम अमजद
ज़िंदगी दर्द भी दवा भी थी
अमजद इस्लाम अमजद
ज़िंदगानी जावेदानी भी नहीं
अमजद इस्लाम अमजद
ये जो हासिल हमें हर शय की फ़रावानी है
अमजद इस्लाम अमजद
ये और बात है तुझ से गिला नहीं करते
अमजद इस्लाम अमजद
याद के सहरा में कुछ तो ज़िंदगी आए नज़र
अमजद इस्लाम अमजद
उस ने आहिस्ता से जब पुकारा मुझे
अमजद इस्लाम अमजद
तुम्हारा हाथ जब मेरे लरज़ते हाथ से छूटा ख़िज़ाँ के आख़िरी दिन थे
अमजद इस्लाम अमजद
तू नहीं तेरा इस्तिआरा नहीं
अमजद इस्लाम अमजद
थे ख़्वाब एक हमारे भी और तुम्हारे भी
अमजद इस्लाम अमजद
तेरा ये लुत्फ़ किसी ज़ख़्म का उन्वान न हो
अमजद इस्लाम अमजद
तश्हीर अपने दर्द की हर सू कराइए
अमजद इस्लाम अमजद