Sad Poetry (page 2)

लापता

मुबश्शिर अली ज़ैदी

तिरे ख़याल के बादल उतर के आए हैं

तरुणा मिश्रा

जो महका रहे तेरी याद सुहानी में

बीना गोइंदी

रंग के गहरे थे लेकिन दूर से अच्छे लगे

आज़ाद हुसैन आज़ाद

चले ही जाएगी क्या दर्द की कटारी भला

अनवर अंजुम

तुझ को अपना के भी अपना नहीं होने देना

आमिर अमीर

इस्तिआ'रा

हारिस ख़लीक़

भगवान-राम

चरख़ चिन्योटी

मुसलमान और हिन्दोस्तान

हिन्दी गोरखपुरी

इंतिज़ार

अभिषेक कुमार अम्बर

हिजरत

नादिया अंबर लोधी

आस

ममता तिवारी

सीढ़ियाँ

ग़ौस ख़ाह मख़ाह हैदराबादी

बाज़-गश्त

अर्श सिद्दीक़ी

किसी की सदा

इब्न-ए-सफ़ी

रिवायती मोहब्बत

ममता तिवारी

सलाम लोगो

हबीब जालिब

'मजाज़' की मौत पर

द्वारका दास शोला

दश्त-ए-उम्र

काशिफ़ रफ़ीक़

इक़रार

इमरान शनावर

सुब्ह-ए-सादिक़

दर्शन सिंह

पत्थर के उस बुत की कहानी

अर्श सिद्दीक़ी

14-अगस्त

हबीब जालिब

वही मैं हूँ वही मेरी कहानी है

मोईन निज़ामी

हर-सम्त ताज़गी सी झरनों की नग़्मगी से कितनी

जाफ़र रज़ा

वारिस

मुबश्शिर अली ज़ैदी

इक उम्र से जिस को लिए फिरता हूँ नज़र में

अहमद फ़ाख़िर

सीने में दिल जो दर्द का मारा नहीं मिला

अहमद फ़ाख़िर

उठा कर बर्क़-ओ-बाराँ से नज़र मंजधार पर रखना

ज़ुबैर शिफ़ाई

कब लज़्ज़तों ने ज़ेहन का पीछा नहीं किया

अनवर अंजुम