Nazam Poetry (page 132)
रौशनाई
अशोक लाल
परिक्रमा तवाफ़
अशोक लाल
नींद
अशोक लाल
मेरे एहसास मेरे विसवास
अशोक लाल
महकती हुई तन्हाइयाँ
अशोक लाल
लहू रोता है
अशोक लाल
कौन सितारे छू सकता है
अशोक लाल
जाने क्यूँ
अशोक लाल
घर वापसी
अशोक लाल
बुनियादें
अशोक लाल
बासी रिश्ते
अशोक लाल
अपने अशआ'र भूल जाता हूँ
अशोक लाल
आईने में ख़म आया
अशोक लाल
ज़िंदगी मौत का आईना
असग़र नदीम सय्यद
तारीख़ एक ख़ामोश ज़माना
असग़र नदीम सय्यद
शहर-बदर
असग़र नदीम सय्यद
सफ़र से लौट आने वाली हवा
असग़र नदीम सय्यद
मुझे एक दिन चाहिए
असग़र नदीम सय्यद
मोहब्बत की नज़्म
असग़र नदीम सय्यद
मेरे दिल में जंगल है
असग़र नदीम सय्यद
मैं गिरता हूँ
असग़र नदीम सय्यद
जब हम दोनों जुदा हुए थे
असग़र नदीम सय्यद
एक आँच की कमी
असग़र नदीम सय्यद
दिन फैला है
असग़र नदीम सय्यद
दिल का फैलाव
असग़र नदीम सय्यद
दिल जारी है
असग़र नदीम सय्यद
धूप-भरी अजरक
असग़र नदीम सय्यद
दम तोड़ती है शाम की नीली हवा
असग़र नदीम सय्यद
छुट्टी का दिन
असग़र नदीम सय्यद
अपनी रात लय जाओ
असग़र नदीम सय्यद