दर Poetry (page 29)
इन आँखों में कई सपने कई अरमान थे लेकिन
सरवर अरमान
ये इंतिहा-ए-मसर्रत का शहर है 'सरवत'
सरवत हुसैन
शहज़ादी तुझे कौन बताए तेरे चराग़-कदे तक
सरवत हुसैन
आँखों में दमक उट्ठी है तस्वीर-ए-दर-ओ-बाम
सरवत हुसैन
सफ़ीना रखता हूँ दरकार इक समुंदर है
सरवत हुसैन
क़िन्दील-ए-मह-ओ-मेहर का अफ़्लाक पे होना
सरवत हुसैन
पहनाए-बर-ओ-बहर के महशर से निकल कर
सरवत हुसैन
किताब-ए-सब्ज़ ओ दर-ए-दास्तान बंद किए
सरवत हुसैन
हवा ओ अब्र को आसूदा-ए-मफ़्हूम कर देखूँ
सरवत हुसैन
गर्दिश-ए-सय्यारगाँ ख़ूब है अपनी जगह
सरवत हुसैन
गदा-ए-शहर-ए-आइंदा तही-कासा मिलेगा
सरवत हुसैन
आँखों में सौग़ात समेटे अपने घर आते हैं
सरवत हुसैन
इस्तिआरे ढूँडता रहता हूँ
सरमद सहबाई
नींद से जागी हुई आँखों को अंधा कर दिया
सरमद सहबाई
मरने का पता दे मिरे जीने का पता दे
सरमद सहबाई
दश्त में है एक नक़्श-ए-रहगुज़र सब से अलग
सरमद सहबाई
तिरे ख़ुलूस के क़िस्से सुना रहा हूँ मैं
सरफ़राज़ नवाज़
वो भी न आया उम्र-ए-गुज़िश्ता के मिस्ल ही
सरफ़राज़ ख़ालिद
सहरा कोई बस्ती कोई दरिया है कि तुम हो
सरफ़राज़ ख़ालिद
माल-ओ-मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार बिक गए
सरफ़राज़ सय्यद
तसव्वुरात की दुनिया सजाए बैठे हैं
सरदार सोज़
उन बुतों से रब्त तोड़ा चाहिए
सरदार गेंडा सिंह मशरिक़ी
कहीं ये तस्कीन-ए-दिल न देखी कहीं ये आराम-ए-जाँ न देखा
सरस्वती सरन कैफ़
एक नाज़ुक दिल के अंदर हश्र बरपा कर दिया
सरस्वती सरन कैफ़
दीदा-ए-दोस्त तिरी चश्म-नुमाई की क़सम
साक़िब लखनवी
न आसमान है साकित न दिल ठहरता है
साक़िब लखनवी
ये किस ने भरम अपनी ज़मीं का नहीं रक्खा
साक़ी फ़ारुक़ी
मुझे ख़बर थी मिरा इंतिज़ार घर में रहा
साक़ी फ़ारुक़ी
बाद-ए-निस्याँ है मिरा नाम बता दो कोई
साक़ी फ़ारुक़ी
ख़ुशबुओं का शजर नहीं देखा
संजीव आर्या
Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.
Sad Poetry in Urdu, 2 Lines Poetry in Urdu, Ahmad Faraz Poetry in Urdu, Sms Poetry in Urdu, Love Poetry in Urdu, Rahat Indori Poetry, Wasi Shah Poetry in Urdu, Faiz Ahmad Faiz Poetry, Anwar Masood Poetry Funny, Funnu Poetry in Urdu, Ghazal in Urdu, Romantic Poetry in Urdu, Poetry in Urdu for Friends