दिल Poetry (page 120)

दावर ने बंदे बंदों ने दावर बना दिया

सेहर इश्क़ाबादी

यही बस एक दुआ माँगना नहीं आता

सीन शीन आलम

कुछ तग़ाफ़ुल है तो कुछ नाज़-ओ-अदा-कारी है

सीन शीन आलम

अजीब शाम थी जब लौट कर मैं घर आया

सीमान नवेद

ज़ात की दीवार बीचों-बीच इक दर वा हुआ

सीमाब ज़फ़र

यही ठहरा कि अब उस ओर जाना भी नहीं है

सीमाब ज़फ़र

टलने के नहीं अहल-ए-वफ़ा ख़ौफ़-ए-ज़ियाँ से

सीमाब ज़फ़र

कूचा-हा-ए-दिल-ओ-जाँ की तीरा-शबो आस मरती नहीं

सीमाब ज़फ़र

ख़िरद के जुमला दसातीर से मुकरते हुए

सीमाब ज़फ़र

मेहमाँ को घर में आए ज़माना गुज़र गया

सीमाब सुल्तानपुरी

किस तरफ़ से आ रही हैं दर्द की पुरवाइयाँ

सीमाब सुल्तानपुरी

दिल पे जब तेरा तसव्वुर छा गया

सीमाब सुल्तानपुरी

अल्लाह दे सके तो दे ऐसी ज़बाँ मुझे

सीमाब सुल्तानपुरी

आँगन से ही ख़ुशी के वो लम्हे पलट गए

सीमाब सुल्तानपुरी

रुख़ तिरा माहताब की सूरत

सीमाब बटालवी

मज़ा जब है उसे बर्क़-ए-तजल्ला देखने वाले

सीमाब बटालवी

मजबूर हूँ गुनाह किए जा रहा हूँ मैं

सीमाब बटालवी

मैं तोड़ूँ अहद-ओ-पैमान-ए-वफ़ा ये हो नहीं सकता

सीमाब बटालवी

मैं इक शाइ'र हूँ असरार-ए-हक़ीक़त खोल सकता हूँ

सीमाब बटालवी

हुस्न-ए-फ़ानी पर हम अपना दिल फ़िदा करते रहे

सीमाब बटालवी

वो आईना हो या हो फूल तारा हो कि पैमाना

सीमाब अकबराबादी

तअ'ज्जुब क्या लगी जो आग ऐ 'सीमाब' सीने में

सीमाब अकबराबादी

'सीमाब' दिल हवादिस-ए-दुनिया से बुझ गया

सीमाब अकबराबादी

नशात-ए-हुस्न हो जोश-ए-वफ़ा हो या ग़म-ए-इश्क़

सीमाब अकबराबादी

ख़ुलूस-ए-दिल से सज्दा हो तो उस सज्दे का क्या कहना

सीमाब अकबराबादी

जब दिल पे छा रही हों घटाएँ मलाल की

सीमाब अकबराबादी

गौतम-बुद्ध

सीमाब अकबराबादी

ये किस ने शाख़-ए-गुल ला कर क़रीब-ए-आशियाँ रख दी

सीमाब अकबराबादी

ये दौर-ए-तरक़्क़ी है रिफ़अत का ज़माना है

सीमाब अकबराबादी

वुसअतें महदूद हैं इदराक-ए-इंसाँ के लिए

सीमाब अकबराबादी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.