शहर Poetry (page 34)

तंग आते भी नहीं कशमकश-ए-दहर से लोग

सहर अंसारी

सज़ा बग़ैर अदालत से मैं नहीं आया

सहर अंसारी

न किसी से करम की उम्मीद रखें न किसी के सितम का ख़याल करें

सहर अंसारी

महसूस क्यूँ न हो मुझे बेगानगी बहुत

सहर अंसारी

किसी भी ज़ख़्म का दिल पर असर न था कोई

सहर अंसारी

अजब तरह से मैं सर्फ़-ए-मलाल होने लगा

सहर अंसारी

कैसे जानूँ कि जहाँ ख़्वाब-नुमा होता है

सग़ीर मलाल

हर शय है पुर-मलाल बड़ी तेज़ धूप है

साग़र सिद्दीक़ी

कुछ तो वफ़ा का रंग हो दस्त-ए-जफ़ा के साथ

साग़र मेहदी

इक्कीसवीं सदी का आदमी

साग़र ख़य्यामी

दिल्ली की बस

साग़र ख़य्यामी

किस तरह भुलाएँ हम इस शहर के हंगामे

साग़र आज़मी

गुलशन को बहारों ने इस तरह नवाज़ा है

साग़र आज़मी

तालिब-ए-दीद पे आँच आए ये मंज़ूर नहीं

सफ़ी लखनवी

अपने अहद-ए-वफ़ा से रु-गर्दानी करता रहता है

सफ़दर सलीम सियाल

सहरा में ज़र्रा क़तरा समुंदर में जा मिला

सईदुल ज़फर चुग़ताई

लोहे का लिबास

सईदुद्दीन

कटी पहाड़ी

सईदुद्दीन

सोने के दिल मिट्टी के घर पीछे छोड़ आए हैं

सईद क़ैस

शाम के आसार गीले हैं बहुत

सईद क़ैस

जब आईने दर-ओ-दीवार पर निकल आएँ

सईद नक़वी

मैं दोस्त से न किसी दुश्मनी से डरता हूँ

सईद नक़वी

फ़सील-ए-ज़ात में दर तो तिरी इनायत है

सईद नक़वी

शिकस्त मान के तस्ख़ीर कर लिया है मुझे

सईद ख़ान

ज़वाल के आईने में ज़िंदा अक्स

सईद अहमद

जब बीनाई सावन ने चुराई हो

सईद अहमद

अधूरी नस्ल का पूरा सच

सईद अहमद

शोरिश-ए-वक़्त हुई वक़्त की रफ़्तार में गुम

सईद अहमद

पत्थर को पूजते थे कि पत्थर पिघल पड़ा

सईद अहमद

इक बर्ग-ए-ख़ुश्क से गुल-ए-ताज़ा तक आ गए

सईद अहमद

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.