याद Poetry (page 87)

फूल सूँघे जाने क्या याद आ गया

अख़्तर अंसारी

कोई मआल-ए-मोहब्बत मुझे बताओ नहीं

अख़्तर अंसारी

जाँ-सिपारी के भी अरमाँ ज़िंदगी की आस भी

अख़्तर अंसारी

ग़म-ज़दा हैं मुब्तला-ए-दर्द हैं नाशाद हैं

अख़्तर अंसारी

अपनी उजड़ी हुई दुनिया की कहानी हूँ मैं

अख़्तर अंसारी

चर्ख़ भी छू लें तो जाना है इसी मिट्टी में

अख़लाक़ बन्दवी

अश्क आँखों में भरे बैठे हो

अख़लाक़ बन्दवी

वो हज़ार हम पे जफ़ा सही कोई शिकवा फिर भी रवा नहीं

अख़गर मुशताक़ रहीमाबादी

अब तुझे मेरा नाम याद नहीं

अकबर मासूम

नींद में गुनगुना रहा हूँ मैं

अकबर मासूम

लबों पर तबस्सुम तो आँखों में आँसू थी धूप एक पल में तो इक पल में बारिश

अकबर हैदराबादी

जिन के नसीब में आब-ओ-दाना कम कम होता है

अकबर हैदराबादी

रहता है इबादत में हमें मौत का खटका

अकबर इलाहाबादी

तिरी ज़ुल्फ़ों में दिल उलझा हुआ है

अकबर इलाहाबादी

सदियों फ़िलासफ़ी की चुनाँ और चुनीं रही

अकबर इलाहाबादी

क्या ही रह रह के तबीअ'त मिरी घबराती है

अकबर इलाहाबादी

ख़ुशी क्या हो जो मेरी बात वो बुत मान जाता है

अकबर इलाहाबादी

जज़्बा-ए-दिल ने मिरे तासीर दिखलाई तो है

अकबर इलाहाबादी

हूँ मैं परवाना मगर शम्अ तो हो रात तो हो

अकबर इलाहाबादी

हया से सर झुका लेना अदा से मुस्कुरा देना

अकबर इलाहाबादी

हर क़दम कहता है तू आया है जाने के लिए

अकबर इलाहाबादी

अपने पहलू से वो ग़ैरों को उठा ही न सके

अकबर इलाहाबादी

आँखें मुझे तलवों से वो मलने नहीं देते

अकबर इलाहाबादी

तेरा ख़याल जाँ के बराबर लगा मुझे

अकबर अली खान अर्शी जादह

सिखा सकी न जो आदाब-ए-मय वो ख़ू क्या थी

अकबर अली खान अर्शी जादह

कुछ कहना चाहते थे कि ख़ामोश हो गए

अजमल सिराज

'अजमल'-सिराज हम उसे भूल हुए तो हैं

अजमल सिराज

मैं ने ऐ दिल तुझे सीने से लगाया हुआ है

अजमल सिराज

किसी की क़ैद से आज़ाद हो के रह गए हैं

अजमल सिराज

जो अश्क बरसा रहे हैं साहिब

अजमल सिराज

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.