Love Poetry (page 366)

शाइरी मैं ने ईजाद की

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

मोहब्बत

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

क्या आग सब से अच्छी ख़रीदार है

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

कौन शाएर रह सकता है

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

जिस का कोई इंतिज़ार न कर रहा हो

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

जंगल के पास एक औरत

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

जहाँ तुम ये नज़्म ख़त्म करोगी

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

हम कसी से पूछे बग़ैर ज़िंदा रहते हैं

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

फ़ैसला

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

एक लड़की

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

अगर उन्हें मालूम हो जाए

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

अगर तुम तक मेरी आवाज़ नहीं पहुँच रही है

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

अगर हम गीत न गाते

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

आख़िरी दलील

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

सितम की तेग़ पे ये दस्त-ए-बे-नियाम रक्खा

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

कुछ और रंग मैं तरतीब-ए-ख़ुश्क-ओ-तर करता

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

इक शाम ये सफ़्फ़ाक ओ बद-अंदेश जला दे

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

बहुत न हौसला-ए-इज़्ज़-ओ-जाह मुझ से हुआ

अफ़ज़ाल अहमद सय्यद

रंग आ जाते मुट्ठी में जुगनू बन कर

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

किसी ने मुझ से कह दिया था ज़िंदगी पे ग़ौर कर

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

इस तरह सताया है परेशान किया है

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

मैं ख़ाक में मिले हुए गुलाब देखता रहा

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

कर भी लूँ अगर ख़्वाब की ताबीर कोई और

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

इस तरह सताया है परेशान किया है

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

ग़म का मौसम बीत गया सो रोना क्या

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

दीवारों में दर होता तो अच्छा था

अफ़ज़ाल फ़िरदौस

सभी हैं अपने मगर अजनबी से लगते हैं

आफ़ताब शम्सी

यादें

आफ़ताब शम्सी

वापसी

आफ़ताब शम्सी

तज़ाद

आफ़ताब शम्सी