दीवार Poetry (page 20)

हम तो मौजूद थे रातों में उजालों की तरह

सरवर अरमान

वाक़िफ़ थे कहाँ हम दिल-ए-ना-चार से पहले

सरवर आलम राज़

ये इंतिहा-ए-मसर्रत का शहर है 'सरवत'

सरवत हुसैन

''एक नज़्म कहीं से भी शुरूअ हो सकती है''

सरवत हुसैन

सफ़ीना रखता हूँ दरकार इक समुंदर है

सरवत हुसैन

क़िन्दील-ए-मह-ओ-मेहर का अफ़्लाक पे होना

सरवत हुसैन

जब शाम हुई मैं ने क़दम घर से निकाला

सरवत हुसैन

घर से निकला तो मुलाक़ात हुई पानी से

सरवत हुसैन

फ़ुरात-ए-फ़ासिला से दजला-ए-दुआ से उधर

सरवत हुसैन

हमारे लिए सुब्ह के होंट पर बद-दुआ' है

सरमद सहबाई

रौशनी रंगों में सिमटा हुआ धोका ही न हो

सरमद सहबाई

नींद से जागी हुई आँखों को अंधा कर दिया

सरमद सहबाई

मरने का पता दे मिरे जीने का पता दे

सरमद सहबाई

वो भी न आया उम्र-ए-गुज़िश्ता के मिस्ल ही

सरफ़राज़ ख़ालिद

माल-ओ-मता-ए-कूचा-ओ-बाज़ार बिक गए

सरफ़राज़ सय्यद

उन को देखा तो तबीअ'त में रवानी आई

सरदार सोज़

फ़िक्र ओ एहसास के तपते हुए मंज़र तक आ

सरदार सलीम

आज दीवाने का ज़ौक़-ए-दीद पूरा हो गया

सरदार सलीम

ये कैसे मरहले में फँस गया है मेरा घर मालिक

सदार आसिफ़

मैं जिन को ढूँडने निकला था गहरे ग़ारों में

सदार आसिफ़

हमारी काविश-ए-शेर-ओ-सुख़न बे-कार जाती है

सदार आसिफ़

ये आह-ओ-फ़ुग़ाँ क्यूँ है दिल-ए-ज़ार के आगे

साक़िब लखनवी

कहाँ तक जफ़ा हुस्न वालों की सहते

साक़िब लखनवी

रूह में रेंगती रहती है गुनह की ख़्वाहिश

साक़ी फ़ारुक़ी

ज़िंदा पानी सच्चा

साक़ी फ़ारुक़ी

पोस्टर

साक़ी फ़ारुक़ी

ख़रगोश की सरगुज़िश्त

साक़ी फ़ारुक़ी

दीवार

साक़ी फ़ारुक़ी

वही आँखों में और आँखों से पोशीदा भी रहता है

साक़ी फ़ारुक़ी

उम्र इंकार की दीवार से सर फोड़ती है

साक़ी फ़ारुक़ी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.