वफ़ा Poetry (page 60)

क्यूँ ख़फ़ा हम से हो ख़ता क्या है

अनवर सहारनपुरी

दुश्मन तो मेरे तन से लहू चूसता रहा

अनवर सदीद

वो नीची निगाहें वो हया याद रहेगी

अनवर साबरी

शब-ए-फ़िराक़ की ज़ुल्मत है ना-गवार मुझे

अनवर साबरी

मुद्दतों से कोई पैग़ाम नहीं आता है

अनवर साबरी

कुछ अबरुओं पे बल भी हैं ख़ंदा-लबी के साथ

अनवर साबरी

दौर-ए-हाज़िर हो गया है इस क़दर कम-आश्ना

अनवर साबरी

अता-ए-ग़म पे भी ख़ुश हूँ मिरी ख़ुशी क्या है

अनवर साबरी

वादा-ए-शाम-ए-फ़र्दा पे ऐ दिल मुझे गर यक़ीं ही न आए तो मैं क्या करूँ

अनवर मिर्ज़ापुरी

इस वास्ते दामन चाक किया शायद ये जुनूँ काम आ जाए

अनवर मिर्ज़ापुरी

उसे तो पास-ए-ख़ुलूस-ए-वफ़ा ज़रा भी नहीं

अनवर मसूद

हम से वफ़ा-शिआर को भी तेरे रू-ब-रू

अनवर जमाल अनवर

मैं गिरफ़्तार-ए-वफ़ा हूँ छुट के जाऊँगा कहाँ

अनवर देहलवी

कैसी हया कहाँ की वफ़ा पास-ए-ख़ल्क़ क्या

अनवर देहलवी

कैसी हया कहाँ की वफ़ा पास-ए-ख़ल्क़ क्या

अनवर देहलवी

हो रहा है टुकड़े टुकड़े दिल मेरे ग़म-ख़्वार का

अनवर देहलवी

है भी और फिर नज़र नहीं आती

अनवर देहलवी

देखा जो मर्ग तो मरना ज़ियाँ न था

अनवर देहलवी

अब अपना हाल हम उन्हें तहरीर कर चुके

अनवर देहलवी

आँखें दिखाईं ग़ैर को मेरी ख़ता के साथ

अनवर देहलवी

ये नर्म हाथ मरे हाथ में थमा दीजे

अनवर अंजुम

चाँद तारे जिसे हर शब देखें

अनवर अंजुम

नए दिनों के नए सहीफ़ों में ज़िक्र-ए-मेहर-ओ-वफ़ा नहीं है

अनवर अलीमी

ग़म-ए-हबीब ग़म-ए-दो-जहाँ नहीं होता

अनवर मोअज़्ज़म

आओ देखें अहल-ए-वफ़ा की होती है तौक़ीर कहाँ

अनवर मोअज़्ज़म

फ़ज़ा-ए-दिल में घनी तीरगी सी लगती है

अनुभव गुप्ता

यहाँ तो फिर वही दीवार-ओ-दर निकल आए

अंजुम रूमानी

कुछ दिन से ज़िंदगी मुझे पहचानती नहीं

अंजुम रहबर

दोस्ती बंदगी वफ़ा-ओ-ख़ुलूस

अंजुम लुधियानवी

ख़ुद से मिलना मिलाना भूल गए

अंजुम लुधियानवी

Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.