Ghazal Poetry (page 902)
वो बातें तिरी वो फ़साने तिरे
अब्दुल हमीद अदम
वो अहद-ए-जवानी वो ख़राबात का आलम
अब्दुल हमीद अदम
वो अबरू याद आते हैं वो मिज़्गाँ याद आते हैं
अब्दुल हमीद अदम
उन को अहद-ए-शबाब में देखा
अब्दुल हमीद अदम
तौबा का तकल्लुफ़ कौन करे हालात की निय्यत ठीक नहीं
अब्दुल हमीद अदम
तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया
अब्दुल हमीद अदम
तही सा जाम तो था गिर के बह गया होगा
अब्दुल हमीद अदम
सो के जब वो निगार उठता है
अब्दुल हमीद अदम
सितारों के आगे जो आबादियाँ हैं
अब्दुल हमीद अदम
शब की बेदारियाँ नहीं अच्छी
अब्दुल हमीद अदम
साक़ी शराब ला कि तबीअ'त उदास है
अब्दुल हमीद अदम
रक़्स करता हूँ जाम पीता हूँ
अब्दुल हमीद अदम
मुस्कुरा कर ख़िताब करते हो
अब्दुल हमीद अदम
मुश्किल ये आ पड़ी है कि गर्दिश में जाम है
अब्दुल हमीद अदम
मुंक़लिब सूरत-ए-हालात भी हो जाती है
अब्दुल हमीद अदम
मुझ से चुनाँ-चुनीं न करो मैं नशे मैं हूँ
अब्दुल हमीद अदम
मोहतात ओ होशियार तो बे-इंतिहा हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
मिरा इख़्लास भी इक वज्ह-ए-दिल-आज़ारी है
अब्दुल हमीद अदम
मतलब मुआ'मलात का कुछ पा गया हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
मय-ख़ाना-ए-हस्ती में अक्सर हम अपना ठिकाना भूल गए
अब्दुल हमीद अदम
मय-कदा था चाँदनी थी मैं न था
अब्दुल हमीद अदम
लहरा के झूम झूम के ला मुस्कुरा के ला
अब्दुल हमीद अदम
क्या बात है ऐ जान-ए-सुख़न बात किए जा
अब्दुल हमीद अदम
कितनी बे-साख़्ता ख़ता हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
ख़ुश हूँ कि ज़िंदगी ने कोई काम कर दिया
अब्दुल हमीद अदम
खुली वो ज़ुल्फ़ तो पहली हसीन रात हुई
अब्दुल हमीद अदम
ख़ैरात सिर्फ़ इतनी मिली है हयात से
अब्दुल हमीद अदम
ख़ाली है अभी जाम मैं कुछ सोच रहा हूँ
अब्दुल हमीद अदम
कश्ती चला रहा है मगर किस अदा के साथ
अब्दुल हमीद अदम
जुम्बिश-ए-काकुल-ए-महबूब से दिन ढलता है
अब्दुल हमीद अदम