Ghazal Poetry (page 903)
जो भी तेरे फ़क़ीर होते हैं
अब्दुल हमीद अदम
जिस वक़्त भी मौज़ूँ सी कोई बात हुई है
अब्दुल हमीद अदम
जहाँ वो ज़ुल्फ़-ए-बरहम कारगर महसूस होती है
अब्दुल हमीद अदम
जब तिरे नैन मुस्कुराते हैं
अब्दुल हमीद अदम
इतना तो दोस्ती का सिला दीजिए मुझे
अब्दुल हमीद अदम
हम से चुनाँ-चुनीं न करो हम नशे में हैं
अब्दुल हमीद अदम
हम ने हसरतों के दाग़ आँसुओं से धो लिए
अब्दुल हमीद अदम
हवा सनके ख़ारों की बड़ी तकलीफ़ होती है
अब्दुल हमीद अदम
हसीन नग़्मा-सराओ! बहार के दिन हैं
अब्दुल हमीद अदम
हर परी-वश को ख़ुदा तस्लीम कर लेता हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
हर दुश्मन-ए-वफ़ा मुझे महबूब हो गया
अब्दुल हमीद अदम
हँस के बोला करो बुलाया करो
अब्दुल हमीद अदम
हँस हँस के जाम जाम को छलका के पी गया
अब्दुल हमीद अदम
हल्का हल्का सुरूर है साक़ी
अब्दुल हमीद अदम
गुनाह-ए-जुरअत-ए-तदबीर कर रहा हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
गोरियों कालियों ने मार दिया
अब्दुल हमीद अदम
गो तिरी ज़ुल्फ़ों का ज़िंदानी हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
गिरते हैं लोग गर्मी-ए-बाज़ार देख कर
अब्दुल हमीद अदम
ग़म-ए-मोहब्बत सता रहा है ग़म-ए-ज़माना मसल रहा है
अब्दुल हमीद अदम
फ़क़ीर किस दर्जा शादमाँ थे हुज़ूर को कुछ तो याद होगा
अब्दुल हमीद अदम
एक ना-मक़बूल क़ुर्बानी हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
दुआएँ दे के जो दुश्नाम लेते रहते हैं
अब्दुल हमीद अदम
दिन गुज़र जाएँगे सरकार कोई बात नहीं
अब्दुल हमीद अदम
दिल को दिल से काम रहेगा
अब्दुल हमीद अदम
दिल है बड़ी ख़ुशी से इसे पाएमाल कर
अब्दुल हमीद अदम
दिल डूब न जाएँ प्यासों के तकलीफ़ ज़रा फ़रमा देना
अब्दुल हमीद अदम
देख कर दिल-कशी ज़माने की
अब्दुल हमीद अदम
दरोग़ के इम्तिहाँ-कदे में सदा यही कारोबार होगा
अब्दुल हमीद अदम
छेड़ो तो उस हसीन को छेड़ो जो यार हो
अब्दुल हमीद अदम
भूली-बिसरी बातों से क्या तश्कील-ए-रूदाद करें
अब्दुल हमीद अदम