Friendship Poetry (page 42)
जिस रोज़ क़ज़ा आएगी
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
जरस-ए-गुल की सदा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
हम लोग
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ुबार-ए-ख़ातिर-ए-महफ़िल ठहर जाए
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़म न कर, ग़म न कर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
दो इश्क़
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
दिल-ए-मन मुसाफ़िर-ए-मन
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
दिलदार देखना
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ढाका से वापसी पर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
दस्त-ए-तह-ए-संग-आमदा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
दर्द आएगा दबे पाँव
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
अगस्त1955
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ शाम मेहरबाँ हो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ऐ हबीब-ए-अम्बर-दस्त!
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज इक हर्फ़ को फिर ढूँडता फिरता है ख़याल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
आज बाज़ार में पा-ब-जौलाँ चलो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
यूँ सजा चाँद कि झलका तिरे अंदाज़ का रंग
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
यूँ बहार आई है इस बार कि जैसे क़ासिद
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ये किस ख़लिश ने फिर इस दिल में आशियाना किया
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ये जफ़ा-ए-ग़म का चारा वो नजात-ए-दिल का आलम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
याद-ए-ग़ज़ाल-चश्माँ ज़िक्र-ए-समन-अज़ाराँ
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
याद का फिर कोई दरवाज़ा खुला आख़िर-ए-शब
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
वो बुतों ने डाले हैं वसवसे कि दिलों से ख़ौफ़-ए-ख़ुदा गया
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तुम आए हो न शब-ए-इंतिज़ार गुज़री है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तेरी सूरत जो दिल-नशीं की है
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
तिरे ग़म को जाँ की तलाश थी तिरे जाँ-निसार चले गए
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शरह-ए-फ़िराक़ मदह-ए-लब-ए-मुश्कबू करें
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शाख़ पर ख़ून-ए-गुल रवाँ है वही
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शैख़ साहब से रस्म-ओ-राह न की
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़