Heart Broken Poetry (page 165)
आईने में देख के चेहरा बे-शक मैं हैरान हुआ
देवमणि पांडेय
सुनहरी मछली
दीप्ति मिश्रा
सुना है ख़ुद को
दीप्ति मिश्रा
डाइरी
दीप्ति मिश्रा
सब कुछ झूट है लेकिन फिर भी बिल्कुल सच्चा लगता है
दीप्ति मिश्रा
दोनों में कितना फ़र्क़ मगर दोनों का हासिल तन्हाई
दीप्ति मिश्रा
अजब कश्मकश है अजब है कशाकश ये क्या बीच में है हमारे तुम्हारे
दीप्ति मिश्रा
ज़िंदगी मो'तबर तलाशे है
दीपक शर्मा दीप
मोहब्बत में यही झगड़ा करोगे
दीपक शर्मा दीप
बहुत गिर्या करोगी जानते हैं
दीपक शर्मा दीप
आज मैं ने गुनाह कर डाला
दीपक शर्मा दीप
सलोनी शाम के आँगन में जब दो वक़्त मिलते हैं
दीपक क़मर
नज़र आया न कोई भी इधर देखा उधर देखा
दीपक क़मर
दिल से जब लौ लगी नहीं होती
दीद राही
ज़ीस्त बे-वादा-ए-अनवार-ए-सहर है कि जो थी
द्वारका दास शोला
ज़िंदगी क्या है इब्तिला के सिवा
द्वारका दास शोला
मिरी बे-क़रारी मिरी आह-ओ-ज़ारी ये वहशत नहीं है तो फिर और क्या है
द्वारका दास शोला
इंसाँ ब-यक निगाह बुरा भी भला भी है
द्वारका दास शोला
दिल-ए-बे-मुद्दआ का मुद्दआ' क्या
द्वारका दास शोला
अपनों के सितम याद न ग़ैरों की जफ़ा याद
द्वारका दास शोला
विर्सा
दाऊद ग़ाज़ी
वक़्त की सदियाँ
दाऊद ग़ाज़ी
सौग़ात
दाऊद ग़ाज़ी
रूह-ए-आवारा
दाऊद ग़ाज़ी
रात
दाऊद ग़ाज़ी
मज़दूर
दाऊद ग़ाज़ी
मशवरा
दाऊद ग़ाज़ी
जवाज़
दाऊद ग़ाज़ी
इल्म
दाऊद ग़ाज़ी
यक क़दम राह-ए-दोस्त है 'दाऊद'
दाऊद औरंगाबादी