Heart Broken Poetry (page 274)

हर तरफ़ तू नज़र आता है जिधर जाता हूँ

अंजुम सलीमी

दोस्तो मेरे लिए कोई भी अफ़्सुर्दा न हो

अंजुम सलीमी

विसाल की तीसरी सम्त

अंजुम सलीमी

टूटे हुए प्याले

अंजुम सलीमी

तन्हाई का सफ़रनामा

अंजुम सलीमी

तख़्लीक़ की साअतों में

अंजुम सलीमी

सरगोशी

अंजुम सलीमी

पुर्सा

अंजुम सलीमी

पानी की आवाज़

अंजुम सलीमी

मुहाजिर परिंदों का स्वागत

अंजुम सलीमी

मैं तुम्हारे लिए ले के आया हूँ

अंजुम सलीमी

मैं और मेरी तन्हाई

अंजुम सलीमी

इंहिराफ़

अंजुम सलीमी

हम बे-वतन ख़्वाबों के जोलाहे हैं

अंजुम सलीमी

गिर्या

अंजुम सलीमी

एक साकित रात का अज़ाब

अंजुम सलीमी

एक क़दीम ख़याली की निगरानी में

अंजुम सलीमी

एक महबूस नज़्म

अंजुम सलीमी

एक और मुुहब्बत....

अंजुम सलीमी

आइंदगाँ की उदासी में

अंजुम सलीमी

आधी मौत का जन्म

अंजुम सलीमी

ये मोहब्बत का जो अम्बार पड़ा है मुझ में

अंजुम सलीमी

उसे छूते हुए भी डर रहा था

अंजुम सलीमी

उम्र की सारी थकन लाद के घर जाता हूँ

अंजुम सलीमी

सुल्ह के बअ'द मोहब्बत नहीं कर सकता मैं

अंजुम सलीमी

सख़्त मुश्किल में किया हिज्र ने आसान मुझे

अंजुम सलीमी

सहर को खोज चराग़ों पे इंहिसार न कर

अंजुम सलीमी

सब को अपने ज़ेहन से झटका ख़ुद को याद किया

अंजुम सलीमी

मुझे भी सहनी पड़ेगी मुख़ालिफ़त अपनी

अंजुम सलीमी

मैं ख़ुद को मिस्मार कर के मलबा बना रहा हूँ

अंजुम सलीमी