Heart Broken Poetry (page 280)

कोई अदा-शनास-ए-मोहब्बत हमें बताए

अंदलीब शादानी

जहाँ अहद-ए-तमन्ना ख़त्म हो जाए

अंदलीब शादानी

जहाँ अहद-ए-तमन्ना ख़त्म हो जाए

अंदलीब शादानी

हँसती आँखें हँसता चेहरा इक मजबूर बहाना है

अंदलीब शादानी

तिरी जफ़ा को जफ़ा मैं तो कह नहीं सकता

आनंद नारायण मुल्ला

न जाने कितनी शमएँ गुल हुईं कितने बुझे तारे

आनंद नारायण मुल्ला

मुख़्तसर अपनी हदीस-ए-ज़ीस्त ये है इश्क़ में

आनंद नारायण मुल्ला

ख़ुदा जाने दुआ थी या शिकायत लब पे बिस्मिल के

आनंद नारायण मुल्ला

हम ने भी की थीं कोशिशें हम न तुम्हें भुला सके

आनंद नारायण मुल्ला

ग़म-ए-हयात शरीक-ए-ग़म-ए-मोहब्बत है

आनंद नारायण मुल्ला

दिल-ए-बेताब का अंदाज़-ए-बयाँ है वर्ना

आनंद नारायण मुल्ला

ज़िंदगी गो कुश्ता-ए-आलाम है

आनंद नारायण मुल्ला

सर-ए-महशर यही पूछूँगा ख़ुदा से पहले

आनंद नारायण मुल्ला

सर-ए-महशर यही पूछूँगा ख़ुदा से पहले

आनंद नारायण मुल्ला

रह-रवी है न रहनुमाई है

आनंद नारायण मुल्ला

क़हर की क्यूँ निगाह है प्यारे

आनंद नारायण मुल्ला

निगाह-ओ-दिल का अफ़्साना क़रीब-ए-इख़्तिताम आया

आनंद नारायण मुल्ला

मिरी बातों पे दुनिया की हँसी कम होती जाती है

आनंद नारायण मुल्ला

मिरी बात का जो यक़ीं नहीं मुझे आज़मा के भी देख ले

आनंद नारायण मुल्ला

काम इश्क़-ए-बे-सवाल आ ही गया

आनंद नारायण मुल्ला

जुनूँ का दौर है किस किस को जाएँ समझाने

आनंद नारायण मुल्ला

जब दिल में ज़रा भी आस न हो इज़्हार-ए-तमन्ना कौन करे

आनंद नारायण मुल्ला

जान-ए-अफ़्साना यही कुछ भी हो अफ़्साने का नाम

आनंद नारायण मुल्ला

इल्म-ओ-जाह-ओ-ज़ोर-ओ-ज़र कुछ भी न देखा जाए है

आनंद नारायण मुल्ला

फ़र्क़ जो कुछ है वो मुतरिब में है और साज़ में है

आनंद नारायण मुल्ला

दिल की दिल को ख़बर नहीं मिलती

आनंद नारायण मुल्ला

भूले से भी लब पर सुख़न अपना नहीं आता

आनंद नारायण मुल्ला

अरमाँ को छुपाने से मुसीबत में है जाँ और

आनंद नारायण मुल्ला

उदास दिल है कि उन की नज़र नहीं होती

अमृत लाल इशरत

ज़माने की कशाकश का दिया पैहम पता मुझ को

अम्न लख़नवी