Hope Poetry (page 179)

तिरे पास रह कर सँवर जाऊँगा मैं

अहमद निसार

मक़ाम-ए-हिज्र कहीं इम्तिहाँ से ख़ाली है

अहमद निसार

दिल को ब-नाम-ए-इश्क़ सजाना पड़ा हमें

अहमद निसार

गली का आम सा चेहरा भी प्यारा होने लगता है

अहमद अताउल्लाह

मुस्तक़बिल

अहमक़ फफूँदवी

इंक़लाब

अहमक़ फफूँदवी

इल्म की ज़रूरत

अहमक़ फफूँदवी

फ़सान-ए-इबरत

अहमक़ फफूँदवी

दुआ

अहमक़ फफूँदवी

ज़रा सुकून भी सहरा के प्यार ने न दिया

अहमद ज़िया

फ़िक्र के सारे धागे टूटे ज़ेहन भी अब म'अज़ूर हुआ

अहमद ज़िया

उम्र का आख़िरी दिन

अहमद ज़फ़र

पाताल ज़मीन आसमान

अहमद ज़फ़र

म्यूजियम

अहमद ज़फ़र

काएनात-ए-ज़ात का मुसाफ़िर

अहमद ज़फ़र

हैरत-ख़ाना-ए-इमरोज़

अहमद ज़फ़र

ज़हर को मय न कहूँ मय को गवारा न कहूँ

अहमद ज़फ़र

ये तेरा ख़याल है कि तू है

अहमद ज़फ़र

वो फूल जो मुस्कुरा रहा है

अहमद ज़फ़र

उस ने तोड़ा जहाँ कोई पैमाँ

अहमद ज़फ़र

तरस रहा हूँ क़रार-ए-दिल-ओ-नज़र के लिए

अहमद ज़फ़र

क्या पता किस जुर्म की किस को सज़ा देता हूँ मैं

अहमद ज़फ़र

किसी परिंदे की वापसी का सफ़र मिरी ख़ाक में मिलेगा

अहमद ज़फ़र

जंगल का सन्नाटा मेरा दुश्मन है

अहमद ज़फ़र

जब तक जुनूँ जुनूँ है ग़म-ए-आगही भी है

अहमद ज़फ़र

फ़लक पे चाँद नहीं कोई अब्र-पारा नहीं

अहमद ज़फ़र

इक तसव्वुर तो है तस्वीर नहीं

अहमद ज़फ़र

दिन हुआ कट कर गिरा मैं रौशनी की धार से

अहमद ज़फ़र

आसमाँ की आँख सूरज चाँद बीनाई भी है

अहमद ज़फ़र

शब-ओ-रोज़ नख़्ल-ए-वजूद को नया एक बर्ग-ए-अना दिया

अहमद शनास