Hope Poetry (page 178)
हयात-ए-सोख़्ता-सामाँ इक इस्तिअा'रा-ए-शाम
ऐन ताबिश
गुज़रते वक़्त को बुनियाद करने वाला हूँ
ऐन ताबिश
घनी सियह ज़ुल्फ़ बदलियों सी बिला सबब मुझ में जागती है
ऐन ताबिश
शहर
ऐन रशीद
नज़्म
ऐन रशीद
गामज़न हैं हम मुसलसल अजनबी मंज़िल की सम्त
ऐन इरफ़ान
रात इक हादसा हुआ मुझ में
ऐन इरफ़ान
क़ल्ब की बंजर ज़मीं पर ख़्वाहिशें बोते हुए
ऐन इरफ़ान
क्या किसी बात की सज़ा है मुझे
ऐन इरफ़ान
ख़ुद अपने साथ धोका क्यूँ करूँ मैं
ऐन इरफ़ान
हादसा कौन सा हुआ पहले
ऐन इरफ़ान
जिधर से वादी-ए-हैरत में हम गुज़रते हैं
अहसन रिज़वी दानापुरी
नाकाम हैं असर से दुआएँ दुआ से हम
अहसन मारहरवी
है वो जब दिल में तो कैसी जुस्तुजू
अहसन मारहरवी
एक दिल है एक हसरत एक हम हैं एक तुम
अहसन मारहरवी
तुम्हारी लन-तरानी के करिश्मे देखे-भाले हैं
अहसन मारहरवी
सो हश्र में लिए दिल-ए-हसरत मआब में
अहसन मारहरवी
संग-ए-दर बन कर भी क्या हसरत मिरे दिल में नहीं
अहसन मारहरवी
नज़्ज़ारा जो होता है लब-ए-बाम तुम्हारा
अहसन मारहरवी
नाकाम हैं असर से दुआएँ दुआ से हम
अहसन मारहरवी
मुतमइन अपने यक़ीं पर अगर इंसाँ हो जाए
अहसन मारहरवी
क्या ज़रूरत बे-ज़रूरत देखना
अहसन मारहरवी
इश्क़ करते हैं तो अहल-ए-इश्क़ यूँ सौदा करें
अहसन मारहरवी
अदा में बाँकपन अंदाज़ में इक आन पैदा कर
अहसन मारहरवी
अदा में बाँकपन अंदाज़ में इक आन पैदा कर
अहसन मारहरवी
जो जो शुऊर-ए-ज़ेहन पे आता चला गया
अहसन लखनवी
इलाज-ए-हसरत-ए-दिल-गीर कर रहा हूँ मैं
अहसन लखनवी
मुझ को ख़ुशियाँ न सही ग़म की कहानी दे दे
अहसन इमाम अहसन
ख़याल वो भी मिरे ज़ेहन के मकान में था
अहसन इमाम अहसन
होता है दिन-रात यहाँ अब झगड़ा भाई भाई में
अहसन इमाम अहसन