Love Poetry (page 147)

मिरी जाँ अब भी अपना हुस्न वापस फेर दे मुझ को

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मेरे नदीम!

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मेरे मिलने वाले

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मिरे हमदम मिरे दोस्त!

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मौज़ू-ए-सुख़न

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मरसिए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मर्ग-ए-सोज़-ए-मोहब्बत

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मंज़र

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मैं तेरे सपने देखूँ

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

लौह-ओ-क़लम

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

लाओ तो क़त्ल-नामा मिरा

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

क्या करें

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

कुछ इश्क़ किया कुछ काम किया

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

कोई आशिक़ किसी महबूबा से!

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

कोई आशिक़ किसी महबूबा से!

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ख़ुशा ज़मानत-ए-ग़म

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ख़ुर्शीद-ए-महशर की लौ

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ख़ुदा वो वक़्त न लाए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ख़त्म हुई बारिश-ए-संग

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

कहाँ जाओगे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

जो मेरा तुम्हारा रिश्ता है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

जिस रोज़ क़ज़ा आएगी

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

जश्न का दिन

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इश्क़ अपने मुजरिमों को पा-ब-जौलाँ ले चला

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इस वक़्त तो यूँ लगता है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ईरानी तलबा के नाम

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इक़बाल

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इंतिज़ार

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इंतिसाब

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

इनतिहा-ए-कार

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़