Love Poetry (page 151)

हम पर तुम्हारी चाह का इल्ज़ाम ही तो है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हम मुसाफ़िर यूँही मसरूफ़-ए-सफ़र जाएँगे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हिम्मत-ए-इल्तिजा नहीं बाक़ी

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हसरत-ए-दीद में गुज़राँ हैं ज़माने कब से

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हर हक़ीक़त मजाज़ हो जाए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

गो सब को बहम साग़र ओ बादा तो नहीं था

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

गिरानी-ए-शब-ए-हिज्राँ दो-चंद क्या करते

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

गर्मी-ए-शौक़-ए-नज़ारा का असर तो देखो

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

फ़िक्र-ए-दिलदारी-ए-गुलज़ार करूँ या न करूँ

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

दिल में अब यूँ तिरे भूले हुए ग़म आते हैं

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

चश्म-ए-मयगूँ ज़रा इधर कर दे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

चाँद निकले किसी जानिब तिरी ज़ेबाई का

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

अब वही हर्फ़-ए-जुनूँ सब की ज़बाँ ठहरी है

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

अब के बरस दस्तूर-ए-सितम में क्या क्या बाब ईज़ाद हुए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या शरह-ए-हालात करें

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

''आप की याद आती रही रात भर''

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

आज यूँ मौज-दर-मौज ग़म थम गया इस तरह ग़म-ज़दों को क़रार आ गया

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

आए कुछ अब्र कुछ शराब आए

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

ताक़त के सारे ज़ोर को ख़ामोश कर दिया

फ़ैय्याज़ रश्क़

मिटा के तीरगी तनवीर चाहता है दिल

फ़ैय्याज़ रश्क़

ख़याल-ओ-ख़्वाब को परवाज़ देता रहता हूँ

फ़ैय्याज़ रश्क़

जारी तो हो सब के लिए फ़रमान-ए-मोहब्बत

फ़ैय्याज़ रश्क़

जहाँ में ख़ुद को बनाने में देर लगती है

फ़ैय्याज़ रश्क़

उन लबों की याद आई गुल के मुस्कुराने से

फ़य्याज़ अहमद

दर्द ने दिल की परवरिश की है

फ़ैसल सईद फ़ैसल

हिमाला की दासियाँ

फ़ैसल सईद फ़ैसल

वस्फ़ जो आप से जुड़ा होगा

फ़ैसल सईद फ़ैसल

क्यूँ आसमान-ए-हिज्र के तारे चले गए

फ़ैसल फेहमी