Love Poetry (page 390)
ख़ुश हूँ कि ज़िंदगी ने कोई काम कर दिया
अब्दुल हमीद अदम
खुली वो ज़ुल्फ़ तो पहली हसीन रात हुई
अब्दुल हमीद अदम
ख़ैरात सिर्फ़ इतनी मिली है हयात से
अब्दुल हमीद अदम
कश्ती चला रहा है मगर किस अदा के साथ
अब्दुल हमीद अदम
जो भी तेरे फ़क़ीर होते हैं
अब्दुल हमीद अदम
जहाँ वो ज़ुल्फ़-ए-बरहम कारगर महसूस होती है
अब्दुल हमीद अदम
जब तिरे नैन मुस्कुराते हैं
अब्दुल हमीद अदम
इतना तो दोस्ती का सिला दीजिए मुझे
अब्दुल हमीद अदम
हम ने हसरतों के दाग़ आँसुओं से धो लिए
अब्दुल हमीद अदम
हसीन नग़्मा-सराओ! बहार के दिन हैं
अब्दुल हमीद अदम
हर परी-वश को ख़ुदा तस्लीम कर लेता हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
हर दुश्मन-ए-वफ़ा मुझे महबूब हो गया
अब्दुल हमीद अदम
हँस के बोला करो बुलाया करो
अब्दुल हमीद अदम
गो तिरी ज़ुल्फ़ों का ज़िंदानी हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
ग़म-ए-मोहब्बत सता रहा है ग़म-ए-ज़माना मसल रहा है
अब्दुल हमीद अदम
फ़क़ीर किस दर्जा शादमाँ थे हुज़ूर को कुछ तो याद होगा
अब्दुल हमीद अदम
एक ना-मक़बूल क़ुर्बानी हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
दुआएँ दे के जो दुश्नाम लेते रहते हैं
अब्दुल हमीद अदम
दिल को दिल से काम रहेगा
अब्दुल हमीद अदम
दिल है बड़ी ख़ुशी से इसे पाएमाल कर
अब्दुल हमीद अदम
दिल डूब न जाएँ प्यासों के तकलीफ़ ज़रा फ़रमा देना
अब्दुल हमीद अदम
देख कर दिल-कशी ज़माने की
अब्दुल हमीद अदम
दरोग़ के इम्तिहाँ-कदे में सदा यही कारोबार होगा
अब्दुल हमीद अदम
छेड़ो तो उस हसीन को छेड़ो जो यार हो
अब्दुल हमीद अदम
भूली-बिसरी बातों से क्या तश्कील-ए-रूदाद करें
अब्दुल हमीद अदम
भूले से कभी ले जो कोई नाम हमारा
अब्दुल हमीद अदम
बस इस क़दर है ख़ुलासा मिरी कहानी का
अब्दुल हमीद अदम
बहुत से लोगों को ग़म ने जिला के मार दिया
अब्दुल हमीद अदम
अरे मय-गुसारो सवेरे सवेरे
अब्दुल हमीद अदम
अगरचे रोज़-ए-अज़ल भी यही अँधेरा था
अब्दुल हमीद अदम