Love Poetry (page 392)
मिरी मैं जश्न-ए-शब-ए-मुनव्वर
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
क्या कहीं मिलता है क्या ख़्वाबों में
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
ख़ामोश कली सारे गुलिस्ताँ की ज़बाँ है
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
ग़ुंचे का जवाब हो गया है
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
उस से उम्मीद-ए-वफ़ा ऐ दिल-ए-नाशाद न कर
अब्दुल अलीम आसि
कभी ऐ हक़ीक़त-ए-दिलबरी सिमट आ निगाह-ए-मजाज़ में
अब्दुल अलीम आसि
जबीन-ए-शौक़ को कुछ और भी इज़्न-ए-सआदत दे
अब्दुल अलीम आसि
अपनी हस्ती से था ख़ुद मैं बद-गुमाँ कल रात को
अब्दुल अलीम आसि
नज़र की मौत इक ताज़ा अलमिया
अब्दुल अहद साज़
मिरी रफ़ीक़-ए-नफ़्स मौत तेरी उम्र दराज़
अब्दुल अहद साज़
घर वाले मुझे घर पर देख के ख़ुश हैं और वो क्या जानें
अब्दुल अहद साज़
शिरकत
अब्दुल अहद साज़
शख़्सिय्यत की मौसीक़ी
अब्दुल अहद साज़
'सादेम'
अब्दुल अहद साज़
क़ौस-ए-क़ुज़ह
अब्दुल अहद साज़
पस-ए-तक़रीब-ए-मुलाक़ात
अब्दुल अहद साज़
नानी-अमाँ की वफ़ात पर एक नज़्म
अब्दुल अहद साज़
मुतज़ाद ज़ाविए
अब्दुल अहद साज़
ख़याल-ए-ख़ातिर-ए-अहबाब
अब्दुल अहद साज़
इंतिज़ार बाक़ी है
अब्दुल अहद साज़
ईद उस परी-वश की
अब्दुल अहद साज़
गोशे
अब्दुल अहद साज़
फ़साद के ब'अद
अब्दुल अहद साज़
दम-ए-वापसीं
अब्दुल अहद साज़
चकमा
अब्दुल अहद साज़
बे-निशाँ होने से पहले
अब्दुल अहद साज़
अलविदा
अब्दुल अहद साज़
आवाज़ के मोती
अब्दुल अहद साज़
ज़िक्र हम से बे-तलब का क्या तलबगारी के दिन
अब्दुल अहद साज़
यूँ भी दिल अहबाब के हम ने गाहे गाहे रक्खे थे
अब्दुल अहद साज़