Love Poetry (page 389)
इजाज़त हो तो मैं तस्दीक़ कर लूँ तेरी ज़ुल्फ़ों से
अब्दुल हमीद अदम
हुस्न इक दिलरुबा हुकूमत है
अब्दुल हमीद अदम
हर दिल-फ़रेब चीज़ नज़र का ग़ुबार है
अब्दुल हमीद अदम
इक हसीं आँख के इशारे पर
अब्दुल हमीद अदम
दिल ख़ुश हुआ है मस्जिद-ए-वीराँ को देख कर
अब्दुल हमीद अदम
ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़
अब्दुल हमीद अदम
ऐ दोस्त मोहब्बत के सदमे तन्हा ही उठाने पड़ते हैं
अब्दुल हमीद अदम
आप इक ज़हमत-ए-नज़र तो करें
अब्दुल हमीद अदम
ज़ुल्फ़-ए-बरहम सँभाल कर चलिए
अब्दुल हमीद अदम
ये कैसी सरगोशी-ए-अज़ल साज़-ए-दिल के पर्दे हिला रही है
अब्दुल हमीद अदम
वो सूरज इतना नज़दीक आ रहा है
अब्दुल हमीद अदम
वो जो तेरे फ़क़ीर होते हैं
अब्दुल हमीद अदम
वो अहद-ए-जवानी वो ख़राबात का आलम
अब्दुल हमीद अदम
वो अबरू याद आते हैं वो मिज़्गाँ याद आते हैं
अब्दुल हमीद अदम
उन को अहद-ए-शबाब में देखा
अब्दुल हमीद अदम
तौबा का तकल्लुफ़ कौन करे हालात की निय्यत ठीक नहीं
अब्दुल हमीद अदम
तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया
अब्दुल हमीद अदम
सो के जब वो निगार उठता है
अब्दुल हमीद अदम
साक़ी शराब ला कि तबीअ'त उदास है
अब्दुल हमीद अदम
रक़्स करता हूँ जाम पीता हूँ
अब्दुल हमीद अदम
मुस्कुरा कर ख़िताब करते हो
अब्दुल हमीद अदम
मुश्किल ये आ पड़ी है कि गर्दिश में जाम है
अब्दुल हमीद अदम
मुंक़लिब सूरत-ए-हालात भी हो जाती है
अब्दुल हमीद अदम
मोहतात ओ होशियार तो बे-इंतिहा हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
मिरा इख़्लास भी इक वज्ह-ए-दिल-आज़ारी है
अब्दुल हमीद अदम
मतलब मुआ'मलात का कुछ पा गया हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम
मय-कदा था चाँदनी थी मैं न था
अब्दुल हमीद अदम
लहरा के झूम झूम के ला मुस्कुरा के ला
अब्दुल हमीद अदम
क्या बात है ऐ जान-ए-सुख़न बात किए जा
अब्दुल हमीद अदम
कितनी बे-साख़्ता ख़ता हूँ मैं
अब्दुल हमीद अदम