Love Poetry (page 87)

वक़्त-2

गुलज़ार

उर्दू ज़बाँ

गुलज़ार

तआक़ुब

गुलज़ार

सीलन

गुलज़ार

सिद्धार्थ की एक रात

गुलज़ार

समय

गुलज़ार

रूह देखी है कभी!

गुलज़ार

नज़्म

गुलज़ार

मंज़र! नर्सिंग-होम

गुलज़ार

लिबास

गुलज़ार

लैंडस्केप

गुलज़ार

किताबें

गुलज़ार

ख़ुद-कुशी

गुलज़ार

ख़ुदा

गुलज़ार

खंडर

गुलज़ार

इमेजेज़

गुलज़ार

गिरहें

गुलज़ार

एक दौर

गुलज़ार

एक और रात

गुलज़ार

धूप लगे आकाश पे जब

गुलज़ार

बे-ख़ुदी

गुलज़ार

बर्फ़ पिघलेगी

गुलज़ार

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा

गुलज़ार

ज़िक्र आए तो मिरे लब से दुआएँ निकलें

गुलज़ार

वो ख़त के पुर्ज़े उड़ा रहा था

गुलज़ार

तिनका तिनका काँटे तोड़े सारी रात कटाई की

गुलज़ार

शाम से आज साँस भारी है

गुलज़ार

सब्र हर बार इख़्तियार किया

गुलज़ार

रुके रुके से क़दम रुक के बार बार चले

गुलज़ार

फूलों की तरह लब खोल कभी

गुलज़ार