Sufi Poetry (page 8)
ले उड़ा रंग फ़लक जल्वा-ए-रा'नाई का
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
आसिफ़ुद्दौला का इमामबाड़ा लखनऊ
चकबस्त ब्रिज नारायण
मिरी बे-ख़ुदी है वो बे-ख़ुदी कहीं ख़ुदी का वहम-ओ-गुमाँ नहीं
चकबस्त ब्रिज नारायण
शिकवा नसीब का न करे बार बार तू
बबल्स होरा सबा
जिस ने जाना जहाँ तमाशा है
बबल्स होरा सबा
जिस ने जाना जहाँ तमाशा है
बबल्स होरा सबा
कौन समझे इश्क़ की दुश्वारियाँ
बिस्मिल सईदी
कहाँ आया है दीवानों को तेरा कुछ क़रार अब तक
बिस्मिल अज़ीमाबादी
जीने वाला ये समझता नहीं सौदाई है
बिस्मिल इलाहाबादी
ख़याल को ज़ौ नज़र को ताबिश नफ़स को रख़शंदगी मिलेगी
बिर्ज लाल रअना
आप अपने रक़ीब हैं हम लोग
बिर्ज लाल रअना
नास्टैल्जिया
बिलाल अहमद
एक ख़्वाब
बिलाल अहमद
धुँद
बिलाल अहमद
सच्चाइयों को बर-सर-ए-पैकार छोड़ कर
भारत भूषण पन्त
क्या मिले आप की महफ़िल में भला एक से एक
बेख़ुद देहलवी
बेवफ़ा कहने से क्या वो बेवफ़ा हो जाएगा
बेख़ुद देहलवी
ऐसा बना दिया तुझे क़ुदरत ख़ुदा की है
बेख़ुद देहलवी
दर्द-ए-दिल में कमी न हो जाए
बेखुद बदायुनी
तिरे इश्क़ में ज़िंदगानी लुटा दी
बहज़ाद लखनवी
मसरूर भी हूँ ख़ुश भी हूँ लेकिन ख़ुशी नहीं
बहज़ाद लखनवी
ख़ुदा को ढूँड रहा था कहीं ख़ुदा न मिला
बहज़ाद लखनवी
तुम ख़फ़ा हो तो अच्छा ख़फ़ा हो
बेदम शाह वारसी
तेरी उल्फ़त शोबदा-पर्वाज़ है
बेदम शाह वारसी
सीने में दिल है दिल में दाग़ दाग़ में सोज़-ओ-साज़-ए-इश्क़
बेदम शाह वारसी
खींची है तसव्वुर में तस्वीर-ए-हम-आग़ोशी
बेदम शाह वारसी
दिल लिया जान ली नहीं जाती
बेदम शाह वारसी
दारू-ए-दर्द-ए-निहाँ राहत-ए-जानी सनमा
बेदम शाह वारसी
अपनी हस्ती का अगर हुस्न नुमायाँ हो जाए
बेदम शाह वारसी
रक़्क़ासा-ए-औहाम
बेबाक भोजपुरी