Nazam Poetry (page 8)

अभी मुझ से किसी को मोहब्बत नहीं हुई

ज़ियाउल हसन

सफ़र हो रेल-गाड़ी का तो छके छूट जाते हैं

ज़ियाउल हक़ क़ासमी

वक़्त कातिब है

ज़िया जालंधरी

टाइपिस्ट

ज़िया जालंधरी

तुलूअ'

ज़िया जालंधरी

तीरगी

ज़िया जालंधरी

तसलसुल

ज़िया जालंधरी

तन्हा

ज़िया जालंधरी

ताबा कै

ज़िया जालंधरी

सुब्ह से शाम तक

ज़िया जालंधरी

शहर-ए-आशोब

ज़िया जालंधरी

सँभाला

ज़िया जालंधरी

राह-रौ

ज़िया जालंधरी

पैग़ाम

ज़िया जालंधरी

ख़ुद फ़रेब

ज़िया जालंधरी

कसक

ज़िया जालंधरी

कही अन-कही

ज़िया जालंधरी

इम्कान

ज़िया जालंधरी

हम

ज़िया जालंधरी

हरजाई

ज़िया जालंधरी

हाबील

ज़िया जालंधरी

दूरी

ज़िया जालंधरी

दिखावा

ज़िया जालंधरी

चाक

ज़िया जालंधरी

बड़ा शहर

ज़िया जालंधरी

अधूरी

ज़िया जालंधरी

अबुल-हौल

ज़िया जालंधरी

आँसू

ज़िया जालंधरी

ये ख़्वाब सारे

ज़िया फ़ारूक़ी

ज़ेहरा ने बहुत दिन से कुछ भी नहीं लिक्खा है

ज़ेहरा निगाह