शहर Poetry (page 62)
अब कर्ब के तूफ़ाँ से गुज़रना ही पड़ेगा
एजाज़ रहमानी
जो जा चुके हैं ग़ालिबन उतरें कभी ज़ीना तिरा
एजाज़ उबैद
ज़रा बतला ज़माँ क्या है मकाँ के उस तरफ़ क्या है
एजाज़ गुल
ये घूमता हुआ आईना अपना ठहरा के
एजाज़ गुल
यहीं था बैठा हुआ दरमियाँ कहाँ गया मैं
एजाज़ गुल
उसी जन्नत जहन्नम में मरूँगा
एजाज़ गुल
रह रहे हैं मकीं शबों के
एजाज़ गुल
मंज़र-ए-वक़्त की यकसानी में बैठा हुआ हूँ
एजाज़ गुल
दुश्वार है अब रास्ता आसान से आगे
एजाज़ गुल
बे-नियाज़-ए-सौत-ओ-महरूम-ए-बयाँ रक्खा गया
एजाज़ अासिफ़
आ गया ईसार मेरे हल्क़ा-ए-अहबाब में
एजाज़ अासिफ़
मुद्दतों के बा'द जब पहुँचा वो अपने गाँव में
एजाज़ तालिब
मुहाजिर
एजाज़ अहमद एजाज़
मेरी मौत के मसीहा!
एजाज़ अहमद एजाज़
आवागवन
एजाज़ अहमद एजाज़
जब कभी दर्द की तस्वीर बनाने निकले
अहया भोजपुरी
ये दुनिया है यहाँ असली कहानी पुश्त पर रखना
एहतिशामुल हक़ सिद्दीक़ी
गुलशन-ए-दिल में मिले अक़्ल के सहरा में मिले
एहतिशाम हुसैन
चराग़ दिल का था रौशन बुझा गया पानी
एहतिशाम अख्तर
मक़्सद-ए-ज़ीस्त ग़म-ए-इश्क़ है सहरा हो कि शहर
एहसान दानिश
हम चटानें हैं कोई रेत के साहिल तो नहीं
एहसान दानिश
यूँ उस पे मिरी अर्ज़-ए-तमन्ना का असर था
एहसान दानिश
न सियो होंट न ख़्वाबों में सदा दो हम को
एहसान दानिश
जो ले के उन की तमन्ना के ख़्वाब निकलेगा
एहसान दानिश
अपनी रुस्वाई का एहसास तो अब कुछ भी नहीं
एहसान दानिश
उम्मीद पर हमारी ये दुनिया खरी नहीं
डॉक्टर आज़म
बुलंद फ़िक्र की हर शे'र से अयाँ हो रमक़
डॉक्टर आज़म
इस शहर-ए-निगाराँ की कुछ बात निराली है
दिवाकर राही
जो भी निकले तिरी आवाज़ लगाता निकले
दिनेश नायडू
ऐ इंक़लाब-ए-नौ के उजाले कहाँ है तू
दिलकश सागरी
Collection of Hindi Poetry. Get Best Hindi Shayari, Poems and ghazal. Read shayari Hindi, poetry by famous Hindi and Urdu poets. Share poetry hindi on Facebook, Whatsapp, Twitter and Instagram.
Sad Poetry in Urdu, 2 Lines Poetry in Urdu, Ahmad Faraz Poetry in Urdu, Sms Poetry in Urdu, Love Poetry in Urdu, Rahat Indori Poetry, Wasi Shah Poetry in Urdu, Faiz Ahmad Faiz Poetry, Anwar Masood Poetry Funny, Funnu Poetry in Urdu, Ghazal in Urdu, Romantic Poetry in Urdu, Poetry in Urdu for Friends