Heart Broken Poetry (page 244)

हैफ़ दिल में तिरे वफ़ा न हुई

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

देखिए ख़ाक में मजनूँ की असर है कि नहीं

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

बस-कि दीदार तिरा जल्वा-ए-क़ुद्दूसी है

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

अक्स भी कब शब-ए-हिज्राँ का तमाशाई है

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

ऐ तजल्ली क्या हुआ शेवा तिरी तकरार का

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

अगर आशिक़ कोई पैदा न होता

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

अबस अबस तुझे मुझ से हिजाब आता है

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

आलम में अगर इश्क़ का बाज़ार न होता

अशरफ़ अली फ़ुग़ाँ

दर्द लेंगे न हम दवा लेंगे

अशरफ़ नक़वी

बस दिखा दे राह-ए-मय-ख़ाना कोई

अशोक साहनी साहिल

शम्-ए-इख़्लास-ओ-यक़ीं दिल में जला कर चलिए

अशोक साहनी

पलकों पे इंतिज़ार का मौसम सजा लिया

अशोक साहनी

मंज़िल-ए-सिदक़-ओ-सफ़ा का रास्ता अपनाइए

अशोक साहनी

इस को ग़ुरूर-ए-इश्क़ ने क्या क्या बना दिया

अशोक साहनी

गुल्सितान-ए-ज़िंदगी में ज़िंदगी पैदा करो

अशोक साहनी

मेरी तरह ज़रा भी तमाशा किए बग़ैर

अशोक साहिल

यतीम इंसाफ़

अशोक लाल

विरासत

अशोक लाल

सफ़र

अशोक लाल

रौशनाई

अशोक लाल

नींद

अशोक लाल

मेरे एहसास मेरे विसवास

अशोक लाल

महकती हुई तन्हाइयाँ

अशोक लाल

लहू रोता है

अशोक लाल

अपने अशआ'र भूल जाता हूँ

अशोक लाल

आईने में ख़म आया

अशोक लाल

रघुपति राघव राजा राम

अशोक लाल

मोहतसिब ने जो निकाला हमें मयख़ाने से

अश्क रामपुरी

क़ैद-ए-हस्ती में हूँ अपने फ़र्ज़ की तामील तक

अश्क अमृतसरी

कश्मकश में हैं तिरी ज़ुल्फ़ों के ज़िंदानी हनूज़

अश्क अमृतसरी