Heart Broken Poetry (page 245)

बहुत ख़ामोश रह कर जो सदाएँ मुझ को देता था

आशिर वकील राव

याद रखना भी इक इबादत है

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

सवेरा ले के आता है मिरे ख़्वाबों की ताबीरें

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

इक लफ़्ज़ याद था मुझे तर्क-ए-वफ़ा मगर

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

ज़ख़्म-ए-फ़ुर्क़त को तिरी याद ने भरने न दिया

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

तीर-ए-नज़र ने आप की घाएल किया मुझे

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

सोचते हैं कि बुलबुला हो जाएँ

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

हम ने देखा है इतने खंडर ख़्वाब में

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

हीला है हवाला है

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

घटा जब रक़्स करती है तो उन की याद आती है

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

दिल मानता नहीं है मनाने के बअ'द भी

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

आ जाओ अब तो ज़ुल्फ़ परेशाँ किए हुए

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

ज़र्द पत्तों पे मिरा नाम लिखा है उस ने

अशफ़ाक़ अंजुम

उठाओ संग कि हम में सनक बहुत है अभी

अशफ़ाक़ अंजुम

मैं सोचता तो हूँ लेकिन ये बात किस से कहूँ

अशफ़ाक़ अंजुम

जिन लग़्ज़िशों के दहर में झंडे बुलंद हैं

अशफ़ाक़ रहबर

ज़मीं पर नीम-जाँ यारी पड़ी है

अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी

दुनिया को हादसों में गिरफ़्तार देखना

अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी

दिमाग़-ओ-दिल में हलचल हो रही है

अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी

अपनी ग़ज़लों को रिसालों से अलग रखता हूँ

अशफ़ाक़ रशीद मंसूरी

वो शख़्स जिस की ख़ुशी का बाइस थीं मेरी बातें

अशफ़ाक़ नासिर

हिज्र इंसाँ के ख़द-ओ-ख़ाल बदल देता है

अशफ़ाक़ नासिर

ये लोग ढूँड रहे हैं यहाँ वहाँ मुझ को

अशफ़ाक़ नासिर

याद रक्खेगा मिरा कौन फ़साना मिरे दोस्त

अशफ़ाक़ नासिर

ताएरों की उड़ान में हम हैं

अशफ़ाक़ नासिर

रंज जो दीदा-ए-नमनाक में देखा गया है

अशफ़ाक़ नासिर

पीला था चाँद और शजर बे-लिबास थे

अशफ़ाक़ नासिर

दिल किसी ख़्वाहिश का उकसाया हुआ

अशफ़ाक़ नासिर

अक्स को फूल बनाने में गुज़र जाती है

अशफ़ाक़ नासिर

अजब तरह के कमाल करने भी आ गए हैं

अशफ़ाक़ नासिर