Heart Broken Poetry (page 248)
अपनी रात लय जाओ
असग़र नदीम सय्यद
अभी कुछ दिन लगेंगे
असग़र नदीम सय्यद
आज़ादों का गीत
असग़र नदीम सय्यद
आज तुम ऐसे हँसे
असग़र नदीम सय्यद
साग़र नहीं कि झूम के उट्ठे उठा लिया
असग़र मेहदी होश
क्या सितम करते हैं मिट्टी के खिलौने वाले
असग़र मेहदी होश
जाने किस किस का गला कटता पस-ए-पर्दा-ए-इश्क़
असग़र मेहदी होश
दीवार उन के घर की मिरी धूप ले गई
असग़र मेहदी होश
बच्चे खुली फ़ज़ा में कहाँ तक निकल गए
असग़र मेहदी होश
सराए
असग़र मेहदी होश
ना-गुज़ीर
असग़र मेहदी होश
कुल्लो-मन-अलैहा-फ़ान
असग़र मेहदी होश
हुसैन
असग़र मेहदी होश
घरौंदे
असग़र मेहदी होश
बैसाखी
असग़र मेहदी होश
अनार्किज़्म
असग़र मेहदी होश
ये तो सच है कि टूटे फूटे हैं
असग़र मेहदी होश
फूल पत्थर की चटानों पे खिलाएँ हम भी
असग़र मेहदी होश
मोहब्बत कर के शर्मिंदा नहीं हूँ
असग़र मेहदी होश
मेरा बचपन ही मुझे याद दिलाने आए
असग़र मेहदी होश
काम कुछ तो लेना था अपने दीदा-ए-तर से
असग़र मेहदी होश
जो सज़ा चाहो मोहब्बत से दो यारो मुझ को
असग़र मेहदी होश
जो इस ज़मीर फ़रोशी के माहेरीन में है
असग़र मेहदी होश
जला जला के दिए पास पास रखते हैं
असग़र मेहदी होश
इतना एहसास तो दे पालने वाले मुझ को
असग़र मेहदी होश
हमेशा तंग रहा मुझ पे ज़िंदगी का लिबास
असग़र मेहदी होश
बे-निशान क़दमों की कहकशाँ पकड़ते हैं
असग़र मेहदी होश
बस्ती मिली मकान मिले बाम-ओ-दर मिले
असग़र मेहदी होश
बाहर का माहौल तो हम को अक्सर अच्छा लगता है
असग़र मेहदी होश
पत्थर लिए हर मोड़ पे कुछ लोग खड़े हैं
असग़र गोरखपुरी