Hope Poetry (page 162)
नींद आ गई थी मंज़िल-ए-इरफ़ाँ से गुज़र के
अली जव्वाद ज़ैदी
मंज़िल-ए-दिल मिली कहाँ ख़त्म-ए-सफ़र के बाद भी
अली जव्वाद ज़ैदी
जुनूँ से राह-ए-ख़िरद में भी काम लेना था
अली जव्वाद ज़ैदी
है ख़मोश आँसुओं में भी नशात-ए-कामरानी
अली जव्वाद ज़ैदी
इक आह-ए-ज़ेर-ए-लब के गुनहगार हो गए
अली जव्वाद ज़ैदी
इक आह-ए-ज़ेर-ए-लब के गुनहगार हो गए
अली जव्वाद ज़ैदी
दीन ओ दिल पहली ही मंज़िल में यहाँ काम आए
अली जव्वाद ज़ैदी
दबी आवाज़ में करती थी कल शिकवे ज़मीं मुझ से
अली जव्वाद ज़ैदी
आँखों में अश्क भर के मुझ से नज़र मिला के
अली जव्वाद ज़ैदी
विपंस ऑफ़ मास डेस्ट्रक्शन
अली इमरान
सर्कस
अली इमरान
16 दिसम्बर आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला
अली इमरान
तिरे वस्ल पे तेरी क़ुर्बत पे ला'नत
अली इमरान
इतनी बार मोहब्बत करना कितना मुश्किल हो जाता है
अली इमरान
फ़रेब-ए-जल्वा कहाँ तक ब-रू-ए-कार रहे
अली अख़्तर अख़्तर
फ़रेब-ए-जल्वा कहाँ तक ब-रू-ए-कार रहे
अली अख़्तर अख़्तर
दिल की आरज़ू थी दर्द दर्द-ए-बे-दवा पाया
अली अख़्तर अख़्तर
हिजाब आ गया था मुझ को दिल के इज़्तिराब पर
अली अकबर नातिक़
चराग़ बाँटने वालों प हैरतें न करो
अली अकबर नातिक़
उठेंगे मौत से पहले
अली अकबर नातिक़
सफ़ीर-ए-लैला-3
अली अकबर नातिक़
सफ़ीर-ए-लैला-2
अली अकबर नातिक़
मुसीबत की ख़बरें
अली अकबर नातिक़
मिरे चराग़ बुझ गए
अली अकबर नातिक़
लुहार जानता नहीं
अली अकबर नातिक़
हुजूम-ए-गिर्या
अली अकबर नातिक़
क़ैद-ख़ाने की हवा में शोर है आलाम का
अली अकबर नातिक़
कँवल हों आब में ख़ुश गुल सबा में शाद रहें
अली अकबर नातिक़
हवा के तख़्त पर अगर तमाम उम्र तू रहा
अली अकबर नातिक़
मैं खोए जाता हूँ तन्हाइयों की वुसअत में
अली अकबर अब्बास