Hope Poetry (page 160)

परतव से जिस के आलम-ए-इम्काँ बहार है

अली सरदार जाफ़री

कमी कमी सी थी कुछ रंग-ओ-बू-ए-गुलशन में

अली सरदार जाफ़री

इसी लिए तो है ज़िंदाँ को जुस्तुजू मेरी

अली सरदार जाफ़री

इसी दुनिया में दिखा दें तुम्हें जन्नत की बहार

अली सरदार जाफ़री

उर्दू

अली सरदार जाफ़री

तुम्हारा शहर

अली सरदार जाफ़री

तुम नहीं आए थे जब

अली सरदार जाफ़री

तीन शराबी

अली सरदार जाफ़री

ताशक़ंद की शाम

अली सरदार जाफ़री

सर-ए-तूर

अली सरदार जाफ़री

साल-ए-नौ

अली सरदार जाफ़री

क़त्ल-ए-आफ़्ताब

अली सरदार जाफ़री

पैराहन-ए-शरर

अली सरदार जाफ़री

मेरे ख़्वाब

अली सरदार जाफ़री

मिरे अज़ीज़ो, मिरे रफ़ीक़ो

अली सरदार जाफ़री

फ़रेब

अली सरदार जाफ़री

दोस्ती का हाथ

अली सरदार जाफ़री

दो चराग़

अली सरदार जाफ़री

बहुत क़रीब हो तुम

अली सरदार जाफ़री

अब भी रौशन हैं

अली सरदार जाफ़री

ये बेकस-ओ-बेक़रार चेहरे

अली सरदार जाफ़री

वुफ़ूर-ए-शौक़ की रंगीं हिकायतें मत पूछ

अली सरदार जाफ़री

वही हुस्न-ए-यार में है वही लाला-ज़ार में है

अली सरदार जाफ़री

वही है वहशत वही है नफ़रत आख़िर इस का क्या है सबब

अली सरदार जाफ़री

उलझे काँटों से कि खेले गुल-ए-तर से पहले

अली सरदार जाफ़री

सितारों के पयाम आए बहारों के सलाम आए

अली सरदार जाफ़री

शाख़-ए-गुल है कि ये तलवार खिंची है यारो

अली सरदार जाफ़री

शिकस्त-ए-शौक़ को तकमील-ए-आरज़ू कहिए

अली सरदार जाफ़री

सर्द हैं दिल आतिश-ए-रू-ए-निगाराँ चाहिए

अली सरदार जाफ़री

नग़्मा-ए-ज़ंजीर है और शहर-ए-याराँ इन दिनों

अली सरदार जाफ़री