Hope Poetry (page 161)
मौसम-ए-रंग भी है फ़स्ल-ए-ख़िज़ाँ भी तारी
अली सरदार जाफ़री
मैं जहाँ तुम को बुलाता हूँ वहाँ तक आओ
अली सरदार जाफ़री
लू के मौसम में बहारों की हवा माँगते हैं
अली सरदार जाफ़री
खुले हैं मश्रिक-ओ-मग़रिब की गोद में गुलज़ार
अली सरदार जाफ़री
ख़िरद वालो जुनूँ वालों के वीरानों में आ जाओ
अली सरदार जाफ़री
काम अब कोई न आएगा बस इक दिल के सिवा
अली सरदार जाफ़री
हम जो महफ़िल में तिरी सीना-फ़िगार आते हैं
अली सरदार जाफ़री
फ़स्ल-ए-गुल फ़स्ल-ए-ख़िज़ाँ जो भी हो ख़ुश-दिल रहिए
अली सरदार जाफ़री
दिल की आग जवानी के रुख़्सारों को दहकाए है
अली सरदार जाफ़री
चश्मा-ए-बद-मस्त को फिर शेवा-ए-दिल-दारी दे
अली सरदार जाफ़री
अभी और तेज़ कर ले सर-ए-ख़ंजर-ए-अदा को
अली सरदार जाफ़री
अब आ गया है जहाँ में तो मुस्कुराता जा
अली सरदार जाफ़री
वार्निंग
अली साहिल
सीखने का अमल हमेशा जारी रहना चाहिए
अली साहिल
मस्लहत
अली साहिल
ख़ुद-साख़्ता दुख
अली साहिल
गुड-नाइट
अली साहिल
ए'तिबार
अली साहिल
हर बुरे वक़्त के अफ़आ'ल बदल देता है
अली मुज़म्मिल
रंगों से न रखिए किसी सूरत की तवक़्क़ो
अली मुतहर अशअर
इक तुर्फ़ा तमाशा सर-ए-बाज़ार बनेगा
अली मुतहर अशअर
गुनाह
अली मोहम्मद फ़र्शी
ऐन
अली मोहम्मद फ़र्शी
जिन हौसलों से मेरा जुनूँ मुतमइन न था
अली जव्वाद ज़ैदी
ग़ज़ब हुआ कि इन आँखों में अश्क भर आए
अली जव्वाद ज़ैदी
भूलती हुई याद
अली जव्वाद ज़ैदी
ज़ुल्मत-कदों में कल जो शुआ-ए-सहर गई
अली जव्वाद ज़ैदी
ज़र्रा-ए-ना-तापीदा की ख़्वाहिश-ए-आफ़ताब क्या
अली जव्वाद ज़ैदी
उफ़ वो इक हर्फ़-ए-तमन्ना जो हमारे दिल में था
अली जव्वाद ज़ैदी
राह-ए-उल्फ़त में मिले ऐसे भी दीवाने मुझे
अली जव्वाद ज़ैदी