Hope Poetry (page 26)
तिरी मदद का यहाँ तक हिसाब देना पड़ा
हसीब सोज़
शौक़ से आप ये अंग्रेज़ी दवा भी लेते
हसीब सोज़
नक़्श-ए-कुहन सब दिल के मिटाओ
हसीब रहबर
किसे हम अपना कहें कोई ग़म-गुसार नहीं
हसीब रहबर
यहाँ न मैं हूँ न तू है न कोई शहनाई
हसन ताहिर
चले गए हो सुकून-ओ-क़रार-ए-जाँ ले कर
हसन ताहिर
जीना मुझे कठिन हो कि मरना मुहाल हो
हसन सोज़
साँझ-सवेरे फिरते हैं हम जाने किस वीराने में
हसन रिज़वी
मैं अपने आप से ग़ाफ़िल न यूँ हुआ होता
हसन रिज़वी
कभी शाम-ए-हिज्र गुज़ारते कभी ज़ुल्फ़-ए-यार सँवारते
हसन रिज़वी
इस दर्जा मेरी ज़ात से उस को हसद हुआ
हसन रिज़वी
हवा के रुख़ पर चराग़-ए-उल्फ़त की लौ बढ़ा कर चला गया है
हसन रिज़वी
गई रुतों को भी याद रखना नई रुतों के भी बाब पढ़ना
हसन रिज़वी
ज़ुल्मत ही पहले थी जो हवाले में रह गई
हसन निज़ामी
ज़िंदगी ग़मगीन होती जा रही है
हसन निज़ामी
तय मुझ से ज़िंदगी का कहाँ फ़ासला हुआ
हसन निज़ामी
रुत है ऐसी कि दर-ओ-बाम न साए होंगे
हसन निज़ामी
जुदाई भी क़राबत की तरह थी
हसन निज़ामी
ख़ल्वत-ए-उम्मीद में रौशन है अब तक वो चराग़
हसन नईम
कम नहीं ऐ दिल-ए-बेताब मता-ए-उम्मीद
हसन नईम
जो मेरे दश्त-ए-जुनूँ में था फ़र्क़-ए-रू-ए-बहार
हसन नईम
निदा-ए-तख़्लीक़
हसन नईम
ख़ेमा-ए-याद
हसन नईम
एक दरख़्त एक तारीख़
हसन नईम
वो कज-निगाह न वो कज-शिआ'र है तन्हा
हसन नईम
वो जो दर्द था तिरे इश्क़ का वही हर्फ़ हर्फ़-ए-सुख़न में है
हसन नईम
उम्मीद ओ यास ने क्या क्या न गुल खिलाए हैं
हसन नईम
सुब्ह-ए-तरब तो मस्त-ओ-ग़ज़ल-ख़्वाँ गुज़र गई
हसन नईम
रश्क अपनों को यही है हम ने जो चाहा मिला
हसन नईम
क़ल्ब-ओ-जाँ में हुस्न की गहराइयाँ रह जाएँगी
हसन नईम