Hope Poetry (page 33)
सहरा में हर तरफ़ है वही शोर-ए-अल-अतश
हामिद हुसैन हामिद
जब्र बे-चारगी के मारों में
हामिद हुसैन हामिद
हर-चंद दूर दूर वो हुस्न-ओ-जमाल है
हामिद इलाहाबादी
हर वफ़ा ना-आश्ना से भी वफ़ा करना पड़ी
हामिद इलाहाबादी
फ़रेब दे न कहीं अज़्म-ए-मुस्तक़िल मेरा
हामिद इलाहाबादी
इक रोज़ जो गुलशन में वो जान-ए-बहार आए
हामिद इलाहाबादी
सुब्ह चले तो ज़ौक़-ए-तलब था अर्श-निशाँ ख़ुर्शीद-शिकार
हमीद नसीम
सवाल दिल का शाम-ए-ग़म को और उदास कर गया
हमीद नसीम
मोहब्बत जादा है मंज़िल नहीं है
हमीद नसीम
है यक दो नफ़स सैर-ए-जहान-ए-गुज़राँ और
हमीद नसीम
बे-कराँ दरिया हूँ ग़म का और तुग़्यानी में हूँ
हमीद नसीम
नौ-ब-नौ ये जल्वा-ज़ाई ये जमाल-ए-रंग-रंग
हमीद नसीम
वो चाल चल कि ज़माना भी साथ चलने लगे
हमीद नागपुरी
तबस्सुम में न ढल जाता गुदाज़ ग़म तो क्या करते
हमीद नागपुरी
ख़ुद अपने आप से हम बे-ख़बर से गुज़रे हैं
हमीद नागपुरी
हर ज़र्रा चश्म-ए-शौक़-ए-सर-ए-रहगुज़र है आज
हमीद नागपुरी
फ़िक्र पाबंदी-ए-हालात से आगे न बढ़ी
हमीद नागपुरी
नियाज़-ओ-नाज़ का पैकर न अर्श पर ठहरा
हमीद कौसर
किस शान से गए हैं शहीदान-ए-कू-ए-यार
हमीद जालंधरी
किस वहम में असीर तिरे मुब्तला हुए
हमीद जालंधरी
ऐ दोस्त दर्द-ए-दिल का मुदावा किया न जाए
हमीद जालंधरी
हमारी ही बदौलत आ गई है
हमीद गौहर
शहर-ए-आरज़ू
हमीद अलमास
हवा की पुश्त पर
हमीद अलमास
बर्फ़ की वादी
हमीद अलमास
उस के करम से है न तुम्हारी नज़र से है
हमीद अलमास
फिर किसी याद का दरवाज़ा खुला आहिस्ता
हमीद अलमास
हर्फ़-ए-ग़ज़ल से रंग-ए-तमन्ना भी छीन ले
हमीद अलमास
कर्ब वहशत उलझनें और इतनी तन्हाई कि बस
हमदुन उसमानी
ज़रा सोचो तो मेरे साथ ऐसा क्यूँ हुआ है
हमदम कशमीरी