Love Poetry (page 239)
सीने में दाग़ है तपिश-ए-इंतिज़ार का
आसिफ़ुद्दौला
क़ासिद तो लिए जाता है पैग़ाम हमारा
आसिफ़ुद्दौला
पूछते क्या हो मिरे तुम दिल-ए-दीवाने से
आसिफ़ुद्दौला
मिरे दिल को ज़ुल्फ़ों की ज़ंजीर कीजो
आसिफ़ुद्दौला
मर गया ग़म में तिरे हाए में रोता रोता
आसिफ़ुद्दौला
जिस दिन से यार मुझ से वो शोख़ आश्ना हुआ
आसिफ़ुद्दौला
जब से मेरे दिल में आ कर इश्क़ का थाना हुआ
आसिफ़ुद्दौला
इस अदा से मुझे सलाम किया
आसिफ़ुद्दौला
हम ने क़िस्सा बहुत कहा दिल का
आसिफ़ुद्दौला
ग़ैर पर लुत्फ़ करे हम पे सितम या क़िस्मत
आसिफ़ुद्दौला
दाम-ए-उल्फ़त में फँसा दिल हाए दिल अफ़्सोस दिल
आसिफ़ुद्दौला
बिस्मिल किसी को रखना रस्म-ए-वफ़ा नहीं है
आसिफ़ुद्दौला
आता है तेग़ हाथ में वो जंग-जू लिए
आसिफ़ुद्दौला
आँखों से अपनी 'आसिफ़' तू एहतिराज़ करना
आसिफ़ुद्दौला
ज़िंदगी में तुझ को पाना आज तक भूला नहीं
अासिफ़ा ज़मानी
तेरी यादों ने तड़पाया बहुत है
अासिफ़ा ज़मानी
किसी की साँस उखड़ती जा रही थी
अासिफ़ा ज़मानी
घर को कैसा भी तुम सजा रखना
अासिफ़ा ज़मानी
ऐ मिरे दिल बता ख़्वाब बुनता है क्यूँ
अासिफ़ा ज़मानी
क्या ज़रूरी है शाएरी की जाए
अासिफ़ा निशात
दरयाफ़्त कर लिया है बसाया नहीं मुझे
अासिफ़ा निशात
सदियों से अजनबी
अासिफ़ शफ़ी
चंद लम्हे विसाल-मौसम के
अासिफ़ शफ़ी
ज़मीं कहीं है मिरी और आसमान कहीं
अासिफ़ शफ़ी
ये मो'जिज़ा भी किसी रोज़ कर ही जाना है
अासिफ़ शफ़ी
ये भी करना पड़ा मोहब्बत में
अासिफ़ शफ़ी
उम्र सारी तिरी चाहत में बितानी पड़ जाए
अासिफ़ शफ़ी
राह-ए-जुनूँ पे चल परे जीना मुहाल कर लिया
अासिफ़ शफ़ी
कार-ए-दुनिया से गए दीदा-ए-बेदार के साथ
अासिफ़ शफ़ी
जमाल-ए-यार को तस्वीर करने वाले थे
अासिफ़ शफ़ी