Love Poetry (page 373)
इक पल बग़ैर देखे उसे क्या गुज़र गया
अदीम हाशमी
इक खिलौना टूट जाएगा नया मिल जाएगा
अदीम हाशमी
बस कोई ऐसी कमी सारे सफ़र में रह गई
अदीम हाशमी
बड़ा वीरान मौसम है कभी मिलने चले आओ
अदीम हाशमी
आया हूँ संग ओ ख़िश्त के अम्बार देख कर
अदीम हाशमी
आँखों में आँसुओं को उभरने नहीं दिया
अदीम हाशमी
प्यार करते रहो
अदील ज़ैदी
ये ज़मीनी भी है ज़मानी भी
अदील ज़ैदी
उस को जब कि मिरे अंजाम से कुछ काम नहीं
अदील ज़ैदी
सहरा-ओ-दश्त-ओ-सर्व-ओ-समन का शरीक था
अदील ज़ैदी
रह-ए-हयात में जो लोग जावेदाँ निकले
अदील ज़ैदी
मोहब्बत की सज़ा पाई बहुत है
अदील ज़ैदी
हम अपना आप लुटाने कहाँ पे आ गए हैं
अदील ज़ैदी
बस लम्हे भर में फ़ैसला करना पड़ा मुझे
अदील ज़ैदी
राहत की जुस्तुजू में ख़ुशी की तलाश में
अदीब सहारनपुरी
वो पौ फटी वो किरन से किरन में आग लगी
अदीब सहारनपुरी
नहीं किसी की तवज्जोह ख़ुद-आगही की तरफ़
अदीब सहारनपुरी
नग़्मा-ए-इश्क़-ए-बुताँ और ज़रा आहिस्ता
अदीब सहारनपुरी
मिरे शौक़-ए-जुस्तुजू का किसे ए'तिबार होता
अदीब सहारनपुरी
मंज़िलें न भूलेंगे राह-रौ भटकने से
अदीब सहारनपुरी
इक ख़लिश को हासिल-ए-उम्र-ए-रवाँ रहने दिया
अदीब सहारनपुरी
इक ख़लिश को हासिल-ए-उम्र-ए-रवाँ रहने दिया
अदीब सहारनपुरी
बख़्शे फिर उस निगाह ने अरमाँ नए नए
अदीब सहारनपुरी
किस की ख़ल्वत से निखर कर सुब्ह-दम आती है धूप
अदीब ख़लवत
न बहलावा न समझौता जुदाई सी जुदाई है
अदा जाफ़री
जिस की जानिब 'अदा' नज़र न उठी
अदा जाफ़री
एक आईना रू-ब-रू है अभी
अदा जाफ़री
तुम जो सियाने हो गुन वाले हो
अदा जाफ़री
साज़-ए-सुख़न बहाना है
अदा जाफ़री
क्यूँ
अदा जाफ़री