Sad Poetry of Ambareen Haseeb Ambar

Sad Poetry of Ambareen Haseeb Ambar
नामअंबरीन हसीब अंबर
अंग्रेज़ी नामAmbareen Haseeb Ambar
जन्म स्थानKarachi

ज़िंदगी-भर एक ही कार-ए-हुनर करते रहे

ये शो'ले आज़माना जानते हैं

ये शो'ले आज़माना जानते हैं

वो मसीहा न बना हम ने भी ख़्वाहिश नहीं की

तुम्हारा जो सहारा हो गया है

मिला भी ज़ीस्त में क्या रन्ज-ए-रह-गुज़ार से कम

मैं ने सोचा है रात-भर तुम को

मैं उसे देख रही हूँ बड़ी हैरानी से

कब मौसम-ए-बहार पुकारा नहीं किया

जब से ज़िंदगी हुआ दिल गर्दिश-ए-तक़दीर का

हो गई बात पुरानी फिर भी

बहते हुए अश्कों की रवानी नहीं लिक्खी

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