Friendship Poetry of Aziz Hamid Madni

Friendship Poetry of Aziz Hamid Madni
नामअज़ीज़ हामिद मदनी
अंग्रेज़ी नामAziz Hamid Madni
जन्म की तारीख1922
मौत की तिथि1991

ग़म-ए-हयात ओ ग़म-ए-दोस्त की कशाकश में

ज़ंजीर-ए-पा से आहन-ए-शमशीर है तलब

ये फ़ज़ा-ए-साज़-ओ-मुज़रिब ये हुजूम-ताज-ए-दाराँ

सँभल न पाए तो तक़्सीर-ए-वाक़ई भी नहीं

न फ़ासले कोई निकले न क़ुर्बतें निकलीं

ख़त्म हुई शब-ए-वफ़ा ख़्वाब के सिलसिले गए

हिकायत-ए-हुस्न-ए-यार लिखना हदीस-ए-मीना-ओ-जाम कहना

हज़ार वक़्त के परतव-नज़र में होते हैं

फ़िराक़ से भी गए हम विसाल से भी गए

आज मुक़ाबला है सख़्त मीर-ए-सिपाह के लिए

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