Ghazal Poetry (page 100)
अपना अपना रंग दिखलाती हैं जानी चूड़ियाँ
सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम
आशिक़-ए-हक़ हैं हमीं शिकवा-ए-तक़दीर नहीं
सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम
ज़मीन-ए-इश्क़ पे ऐ अब्र-ए-ए'तिबार बरस
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
तेरा ये हुस्न-ए-बे-कराँ मुक़य्यद ज़मान है
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
साँस का अपनी रग-ए-जाँ से गुज़र होने तक
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
फिर उम्र-भर की नाला-सराई का वक़्त है
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
महाज़-ए-ज़िंदगी के हर मुहारिब से लड़ो साहब
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
कुछ देर हुई है कि मैं बेबाक हुआ हूँ
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
चाहूँ तो अभी हिज्र के हालात बता दूँ
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
अजीब शोख़ी-ए-दुनिया में जी रहा हूँ मैं
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
अब इस से और इबारत नहीं कोई सादी
सय्यद तम्जीद हैदर तम्जीद
सब्र-ओ-तस्लीम की सिपर भी नहीं
सय्यद सिद्दीक़ हसन
कैफ़-ए-सफ़र अब अपना हासिल
सय्यद सिद्दीक़ हसन
हर नज़र इंतिख़ाब हो जाए
सय्यद सिद्दीक़ हसन
ये ज़ाद-ए-राह हमेशा सफ़र में रख लेना
सय्यद शकील दस्नवी
ये शबनम फूल तारे चाँदनी में अक्स किस का है
सय्यद शकील दस्नवी
उस से भी ऐसी ख़ता हो ये ज़रूरी तो नहीं
सय्यद शकील दस्नवी
तुझ से टूटा रब्त तो फिर और क्या रह जाएगा
सय्यद शकील दस्नवी
रेज़ा रेज़ा जैसे कोई टूट गया है मेरे अंदर
सय्यद शकील दस्नवी
मैं कर्ब-ए-बुत-तराशी-ए-आज़र में क़ैद था
सय्यद शकील दस्नवी
क्या तुम भी तरीक़ा नया ईजाद करो हो
सय्यद शकील दस्नवी
किस को ख़बर ये हस्ती क्या है कितनी हक़ीक़त कितना ख़्वाब
सय्यद शकील दस्नवी
किन हवालों में आ के उलझा हूँ
सय्यद शकील दस्नवी
ख़याल-ओ-ख़्वाब की अब रहगुज़र में रहता है
सय्यद शकील दस्नवी
कहीं एक मासूम नाज़ुक सी लड़की मरे ज़िक्र पर झेंप जाती तो होगी
सय्यद शकील दस्नवी
इतनी मुद्दत बा'द मिले हो कुछ तो दिल का हाल कहो
सय्यद शकील दस्नवी
इक तमन्ना है ख़मोशी के कटहरे कितने
सय्यद शकील दस्नवी
छोटी सी ये बात सही पर खींचे है ये तूल मियाँ
सय्यद शकील दस्नवी
बैठे रहेंगे थाम के कब तक यूँ ख़ाली पैमाने लोग
सय्यद शकील दस्नवी
अक़ब से वार था आख़िर मैं आह क्या करता
सय्यद शकील दस्नवी