ख्वाब Poetry (page 86)

वरक़-ए-इंतिख़ाब दिल में है

अली ज़हीर लखनवी

आब में ज़ाइक़ा-ए-शीर नहीं हो सकता

अली यासिर

सवाद-ए-शौक़-ओ-तलब ग़म का बाब ऐसा था

अली वजदान

तुम्हारा शहर

अली सरदार जाफ़री

सर-ए-तूर

अली सरदार जाफ़री

साल-ए-नौ

अली सरदार जाफ़री

हाथों का तराना

अली सरदार जाफ़री

फ़रेब

अली सरदार जाफ़री

एक ख़्वाब और

अली सरदार जाफ़री

बम्बई

अली सरदार जाफ़री

वतन से दूर यारान-ए-वतन की याद आती है

अली सरदार जाफ़री

सितारों के पयाम आए बहारों के सलाम आए

अली सरदार जाफ़री

शिकस्त-ए-शौक़ को तकमील-ए-आरज़ू कहिए

अली सरदार जाफ़री

मस्ती-ए-रिंदाना हम सैराबी-ए-मय-ख़ाना हम

अली सरदार जाफ़री

मैं जहाँ तुम को बुलाता हूँ वहाँ तक आओ

अली सरदार जाफ़री

ख़ूगर-ए-रू-ए-ख़ुश-जमाल हैं हम

अली सरदार जाफ़री

दिल की आग जवानी के रुख़्सारों को दहकाए है

अली सरदार जाफ़री

ये एक फ़ितरी अमल है

अली साहिल

ख़ुद-साख़्ता दुख

अली साहिल

दस्तक

अली साहिल

तसव्वुर मुन्कशिफ़-अज़-बाम हो जाने से डरता हूँ

अली मुज़म्मिल

उसी के लिए

अली मोहम्मद फ़र्शी

टूटम टूट गया

अली मोहम्मद फ़र्शी

सत्तर माओं का प्यार

अली मोहम्मद फ़र्शी

गुफ़्तुगू के ख़त्म हो जाने पर आया ये ख़याल

अली जव्वाद ज़ैदी

होली

अली जव्वाद ज़ैदी

ज़र्रा-ए-ना-तापीदा की ख़्वाहिश-ए-आफ़ताब क्या

अली जव्वाद ज़ैदी

उफ़ वो इक हर्फ़-ए-तमन्ना जो हमारे दिल में था

अली जव्वाद ज़ैदी

तिरे दयार में कोई ग़म-आश्ना तो नहीं

अली जव्वाद ज़ैदी

राह-ए-उल्फ़त में मिले ऐसे भी दीवाने मुझे

अली जव्वाद ज़ैदी