Heart Broken Poetry (page 161)
रंग-ए-तहज़ीब-ओ-तमद्दुन के शनासा हम भी हैं
एहसान दानिश
रानाई-ए-कौनैन से बे-ज़ार हमीं थे
एहसान दानिश
परस्तिश-ए-ग़म का शुक्रिया क्या तुझे आगही नहीं
एहसान दानिश
न सियो होंट न ख़्वाबों में सदा दो हम को
एहसान दानिश
मौसम से रंग-ओ-बू हैं ख़फ़ा देखते चलो
एहसान दानिश
कुछ लोग जो सवार हैं काग़ज़ की नाव पर
एहसान दानिश
कल रात कुछ अजीब समाँ ग़म-कदे में था
एहसान दानिश
कभी कभी जो वो ग़ुर्बत-कदे में आए हैं
एहसान दानिश
जो ले के उन की तमन्ना के ख़्वाब निकलेगा
एहसान दानिश
जीने के लिए जो मर रहे हैं
एहसान दानिश
जबीं की धूल जिगर की जलन छुपाएगा
एहसान दानिश
जब भी ख़ल्वत में वो याद आएगा
एहसान दानिश
इश्क़ को तक़लीद से आज़ाद कर
एहसान दानिश
इश्क़ की दुनिया में इक हंगामा बरपा कर दिया
एहसान दानिश
हंगामा-ए-ख़ुदी से तू बे-नियाज़ हो जा
एहसान दानिश
दिल की रग़बत है जब आप ही की तरफ़
एहसान दानिश
बना देंगी दुनिया को इक दिन शराबी
एहसान दानिश
अपनी रुस्वाई का एहसास तो अब कुछ भी नहीं
एहसान दानिश
अब कहो कारवाँ किधर को चले
एहसान दानिश
आया नहीं है राह पे चर्ख़-ए-कुहन अभी
एहसान दानिश
आज भड़की रग-ए-वहशत तिरे दीवानों की
एहसान दानिश
पत्थर न बना दे मुझे मौसम की ये सख़्ती
डॉ. पिन्हाँ
मंज़र है अभी दूर ज़रा हद्द-ए-नज़र से
डॉ. पिन्हाँ
उम्मीद पर हमारी ये दुनिया खरी नहीं
डॉक्टर आज़म
मिसाल-ए-आईना रहना कोई मज़ाक़ नहीं
डॉक्टर आज़म
मेरी मिट्टी में जब न था पत्थर
डॉक्टर आज़म
जो अना की सिफ़त है ज़ाती है
डॉक्टर आज़म
झुर्रियों की क़तार देखो तो
डॉक्टर आज़म
हर शख़्स में कुछ लोग कमी ढूँड रहे हैं
डॉक्टर आज़म
बुलंद फ़िक्र की हर शे'र से अयाँ हो रमक़
डॉक्टर आज़म