Heart Broken Poetry (page 173)

हम को छेड़ा तो मचल जाएँगे अरमाँ की तरह

डी. राज कँवल

दुनिया पत्थर फेंक रही है झुँझला कर फ़र्ज़ानों पर

डी. राज कँवल

दुनिया में दिल लगा के बहुत सोचते रहे

डी. राज कँवल

बी.टी-नामा

कर्नल मोहम्मद ख़ान

हर अदा मश्कूक तेरी मुश्तबा हर बात है

चूँचाल सियालकोटी

ये हादसा मिरी आँखों से गर नहीं होता

चित्रांश खरे

मोहब्बत की गली से हम जहाँ हो कर निकल आए

चित्रांश खरे

काएनात-ए-आरज़ू में हम बसर करने लगे

चित्रांश खरे

जो मेरी छत का रस्ता चाँद ने देखा नहीं होता

चित्रांश खरे

दोनों की आरज़ू में चमक बरक़रार है

चित्रांश खरे

या-रब ग़म-ए-हिज्राँ में इतना तो किया होता

चराग़ हसन हसरत

दुश्मन जवानियों की ये आश्नाइयाँ हैं

चराग़ हसन हसरत

आओ हुस्न-ए-यार की बातें करें

चराग़ हसन हसरत

नज़्म

चाैधरी मोहम्मद नईम

जो आँसुओं को न चमकाए वो ख़ुशी क्या है

चरख़ चिन्योटी

जल्वा-ए-हुस्न से है सूरत-ए-औक़ात नई

चरख़ चिन्योटी

जल्वा-ए-हुस्न से है सूरत-ए-औक़ात नई

चरख़ चिन्योटी

जब सर-ए-बाम वो ख़ुर्शीद-जमाल आता है

चरख़ चिन्योटी

हुस्न के जल्वे लुटाए तिरी रा'नाई ने

चरख़ चिन्योटी

हम जो मिल बैठें तो यक-जान भी हो सकते हैं

चरख़ चिन्योटी

हम जो मिल बैठें तो यक जान भी हो सकते हैं

चरख़ चिन्योटी

गुनगुनाती हुई आवाज़ कहाँ से लाऊँ

चरख़ चिन्योटी

फ़ज़ा-ए-ना-उमीदी में उमीद-अफ़ज़ा पयाम आया

चरख़ चिन्योटी

बे-ख़ुदी में है न वो पी कर सँभल जाने में है

चरख़ चिन्योटी

बज़्म-ए-जानाँ में मोहब्बत का असर देखेंगे

चरख़ चिन्योटी

बज़्म-ए-जानाँ में मोहब्बत का असर देखेंगे

चरख़ चिन्योटी

बात कहने के लिए बात बनाई न गई

चरख़ चिन्योटी

बात कहने के लिए बात बनाई न गई

चरख़ चिन्योटी

अक़्ल हैरान है रहमत का तक़ाज़ा क्या है

चरख़ चिन्योटी

लाख कुछ न हम कहते बे-ज़बाँ रहे होते

चरण सिंह बशर