Hope Poetry (page 185)

कुछ न पूछो ज़ाहिदों के बातिन ओ ज़ाहिर का हाल

अहमद हुसैन माइल

वो पारा हूँ मैं जो आग में हूँ वो बर्क़ हूँ जो सहाब में हूँ

अहमद हुसैन माइल

शब-ए-माह में जो पलंग पर मिरे साथ सोए तो क्या हुए

अहमद हुसैन माइल

रू-ए-ताबाँ माँग मू-ए-सर धुआँ बत्ती चराग़

अहमद हुसैन माइल

प्यार अपने पे जो आता है तो क्या करते हैं

अहमद हुसैन माइल

मैं ही मतलूब ख़ुद हूँ तू है अबस

अहमद हुसैन माइल

महशर में चलते चलते करूँगा अदा नमाज़

अहमद हुसैन माइल

क्यूँ शौक़ बढ़ गया रमज़ाँ में सिंगार का

अहमद हुसैन माइल

कोई हसीन है मुख़्तार-ए-कार-ख़ाना-ए-इश्क़

अहमद हुसैन माइल

हो गए मुज़्तर देखते ही वो हिलती ज़ुल्फ़ें फिरती नज़र हम

अहमद हुसैन माइल

चोरी से दो घड़ी जो नज़ारे हुए तो क्या

अहमद हुसैन माइल

तज्दीद-3

अहमद हमेश

सफ़र ऐसा है कहाँ का

अहमद हमेश

रेहान-सिद्दीक़ी की याद में

अहमद हमेश

रास्ते में शाम का मुक़द्दर होना

अहमद हमेश

मकाशफ़ा

अहमद हमेश

ख़ाक-ए-बिसात

अहमद हमेश

कौन सी दिशा कहाँ की दिशा

अहमद हमेश

धुँद के रिश्ते है

अहमद हमेश

दर-अस्ल ये नज़्म लिखी ही नहीं गई

अहमद हमेश

बीवी की आँख के ऑपरेशन के दौरान

अहमद हमेश

बे-बर्ग शजर

अहमद हमेश

अबद

अहमद हमेश

किस तवक़्क़ो' पे क्या उठा रखिए

अहमद हमेश

किस का शोअ'ला जल रहा है शो'लगी से मावरा

अहमद हमेश

जब से मैं ख़ुद को खो रहा हूँ

अहमद हमेश

वो मेरी राह में काँटे बिछाए मैं लेकिन

अहमद हमदानी

ये तेरी चाह भी क्या तेरी आरज़ू भी क्या

अहमद हमदानी

याद क्या क्या लोग दश्त-ए-बे-कराँ में आए थे

अहमद हमदानी

नहीं मिलते वो अब तो क्या बात है

अहमद हमदानी